हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के सोनड़ी गांव में नेफेड के स्वीकृत चना खरीद केंद्र पर अचानक रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार के इस फैसले से क्षेत्र के हजारों किसान प्रभावित हुए हैं, जो अपनी चने की फसल बेचने का इंतजार कर रहे थे। सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराया था सोनड़ी और आसपास के हजारों किसानों ने अपनी चने की फसल बेचने के लिए सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। उनकी फसल तैयार है और घरों और खलिहानों में बोरियों में भरी पड़ी है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को अपनी उपज बिचौलियों या निजी व्यापारियों को कम दामों पर बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। खरीद केंद्र पर लगी रोक हटाने की मांग फसल की सुरक्षा और अगली बुवाई के लिए नकदी की जरूरत ने किसानों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। प्रभावित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि सोनड़ी खरीद केंद्र पर लगी रोक को तत्काल हटाया जाए और तुलाई की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। राजफैड केंद्र पर होगी खरीद इस संबंध में जयपुर से नेफेड के मार्केटिंग हेड पवन पुरी ने बताया कि राज्य सरकार ने नेफेड द्वारा चना खरीद पर रोक लगा दी है, जिसके चलते किसानों से चने की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन किसानों ने नेफेड से टोकन कटवा रखे हैं, उनकी खरीद नजदीक के राजफैड केंद्र पर की जाएगी। सभी टोकन धारक किसानों को मोबाइल पर मैसेज भेजकर नजदीकी राजफैड केंद्र पर खरीद के लिए सूचित कर दिया गया है। सोनड़ी केंद्र से जुड़े सभी किसान राजफैड के नजदीकी केंद्र पर जाकर अपनी चने की फसल बेच सकते हैं।