बागोड़ा-सायला स्टेट हाईवे किनारे स्थित करोड़ों की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को राजपूत समेत कई समाज के लोग तहलीदार कार्यालय के सामने धरने पर बैठे। आरोपियों की गिरफ्तारी व सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पैसों का लेन-देन हवाला के जरिए किया गया, जिसके उनके पास पूरे सबूत है। ऐसे में पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। तहसीलदार ऑफिस के सामने सुबह राजपूत समाज के लोगों ने महापड़ाव डालकर प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से ही धरना स्थल पर सर्व समाज के लोग इकट्ठा हो गए। इस मौके पर समाज के वरिष्ठ लोागें ने कहा कि ऐसे भू माफियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे आगे भी कभी किसी को कोई धोका नहीं दे। प्रदर्शनकारियों ने सायला तहसीलदार लक्ष्मी चौधरी समेत भू-माफियाओं का साथ देने वाली अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साढ़े 5 करोड़ की जमीन से जुड़ा है मामला सायला के चौराऊ निवासी जब्बरसिंह राजपूत ने जिला कलेक्टर को परिवाद देकर बताया कि वह और उसके पांच भाई बैंगलुरु में व्यवसाय करते हैं। गांव के एक परिचित ने आसाणा गांव में हाईवे किनारे 0.7 हेक्टेयर जमीन बिकने की जानकारी दी। 13 मार्च 2026 को सायला में एडवोकेट कार्यालय में जमीन का सौदा 5 करोड़ 51 लाख में तय हुआ। इकरारनामा तैयार कराया। जमीन मालिक बताने वाले व्यक्ति और अन्य लोगों ने पहले 51 लाख रुपए मंगवाए। बाद में 60 लाख रुपए भी हवाला के जरिए मंगवाए। 2 अप्रैल को जमीन की रजिस्ट्री करवा दी। रजिस्ट्री के बाद आरोपियों के कहने पर प्रार्थी पक्ष ने जालोर के गांधी चौक स्थित एक के.सी ज्वेलर के जरिए 4 करोड़ 40 लाख रुपए हवाला से भुगतान कर दिए। पूरी रकम लेने के बाद उनके साथ धोखाधड़ी कर फर्जी रजिस्ट्री करवा दी। स्थानीय लोगों से जानकारी मिलने पर ठगी का पता चला। पीड़ित पक्ष का कहना है कि हवाला लेनदेन और भुगतान से जुड़े वीडियो और फोटो उनके पास हैं। इस परिवाद में विनोद कुमार जैन, रमेश पुरोहित, छगनसिंह चम्पावत, एडवोकेट रमेश माली, करणसिंह, दौलत आचार्य और जीवनदान चारण सहित अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। पीड़ित ने बताया कि 5 अप्रैल को सायला थाने में रिपोर्ट दी, पर कार्रवाई नहीं हुई। अब कलेक्टर से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।