राजसमंद में भील प्रदेश अलग राज्य की मांग को लेकर बुधवार को भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राजसमंद जिला मुख्यालय पहुंचकर जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। अलग भील प्रदेश राज्य के गठन की मांग ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद-3 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्रों तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली को मिलाकर अलग भील प्रदेश राज्य के गठन की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि भारत की मूल संस्कृति और आदिवासी समाज की पहचान एवं संरक्षण के लिए भील प्रदेश का गठन आवश्यक है। आजादी के बाद भील सांस्कृतिक क्षेत्र चार राज्यों में विभाजित हो गया। जिससे आदिवासी समाज की समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो पा रहा है। प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि आदिवासी क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है और स्थानीय लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मोर्चा ने मांग की कि राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की विधानसभाएं भील प्रदेश गठन का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें। संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अलग राज्य के गठन की कार्रवाई शुरू की जाए। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता देवीलाल भील (पिपली अहिरान), ब्लॉक संयोजक बाबूलाल भील (एमडी) भरत कुमार भील (मानपुरा) सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।