राजसमंद में गणेश चतुर्थी से पांच दिवसीय गणेश उत्सव सोमवार से शुरू हुआ। उत्सव का आज दूसरा दिन है शहर में 100 से अधिक गणेश पंडाल से सजाए गए है। जहा गणेशजी की मिट्टी से बनाई प्रतिमाएं विराजित की गई है, जहां प्रतिदिन अलग अलग झांकियों सजाकर, धार्मिक आयोजन किए जा रहे है। वहीं नौ चौकी रोड स्थित प्राचीन श्री मंशापूर्ण महागणपति मंदिर में महागणपति का चांदी की आंगी से विशेष श्रृंगार किया गया है। मंदिर के बाहर आकर्षक विद्युत सजावट और टेंट लगाए गए हैं, जबकि मंदिर परिसर में फूल-पत्तियों से मनोरम झांकी सजाई गई है। सोमवार को मंदिर में महागणेश का अभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित गोपाल श्रोत्रिय ने बताया गणेश चतुर्थी पर मंशापूर्ण महागणपति का दूध, दही, घी, शहद, शर्करा और पंचामृत से महागणपति का अभिषेक किया गया। गणेश अथर्व शीर्ष, गणेश सहस्रनाम स्तोत्र पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक संपन्न हुआ। इसके सके बाद तीन क्विंटल से अधिक लड्डुओं का भोग लगाकर मध्याह्न आरती की गई। शाम को कमल के फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर में अलग-अलग फूलों से श्रृंगार और झांकियां सजाई जाएंगी। 400 साल से अधिक पुराना है मंदिर श्री मंशापूर्ण महागणपति मंदिर को 400 साल से अधिक पुराना बताया जाता है। मंदिर में एक ही पाषाण से बनी करीब सवा नौ फीट ऊंची भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा विराजित है। प्रतिमा में गणेशजी के साथ रिद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ, मूषक और सर्प स्वरूप यज्ञोपवीत सहित कई विशेषताएं हैं। चार हाथों में आशीर्वाद मुद्रा, लड्डू, फरसा और अंकुश धारण किए हुए हैं। प्रतिमा का दाहिना पैर आगे की ओर निकला हुआ है। इसी विशिष्ट स्वरूप के कारण मंदिर को मंशापूर्ण महागणपति के नाम से जाना जाता है।