राजसमंद जिले में मानसून की बेरुखी लगातार जारी है। शनिवार को भी जिले में कहीं बारिश दर्ज नहीं हुई और लगातार आठवें दिन सूखे जैसी स्थिति बनी रही। जिले पिछले आठ दिनों से बारिश की संभावना होने के बावजूद बारिश नही हुई। जिले में आखिरी बार 9 जुलाई को बारिश रिकॉर्ड की गई थी। उस दिन राजसमंद में 1 मिमी, आमेट में 2 मिमी, गढ़बोर में 16 मिमी और नाथद्वारा में 1 मिमी वर्षा हुई थी। इसके बाद से जिले में बारिश पूरी तरह थम गई है। जुलाई माह समाप्ति की ओर है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खेतों में फसलों पर संकट के साथ-साथ भविष्य में पेयजल संकट की आशंका भी गहराने लगी है। 256 मिमी कम बारिश हुई आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 18 जुलाई तक जिले में इस वर्ष केवल 181 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 437 मिमी वर्षा हुई थी। यानी इस वर्ष 256 मिमी कम बारिश हुई है। वहीं मानसून सत्र में 1 जून से 18 जुलाई तक केवल 117 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 349 मिमी बारिश हुई थी। यानी मानसून में 232 मिमी की कमी रही है। इस वर्ष जिले में सर्वाधिक 420 मिमी वर्षा देवगढ़ तहसील में दर्ज हुई है, जबकि सबसे कम 90 मिमी वर्षा राजसमंद तहसील में रिकॉर्ड की गई। राजसमंद झील का जलस्तर फिलहाल 19.85 फीट है, जबकि इसकी कुल भराव क्षमता 30 फीट है। यह झील जिला मुख्यालय के लिए प्रमुख पेयजल स्रोत है। ऐसे में अब सभी की निगाहें मानसून की अगली बारिश पर टिकी हैं।