राजसमंद नगर परिषद में सभापति की कुर्सी को लेकर चुनावी तस्वीर अब सामने आने लगी है। बुधवार को सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। कलेक्ट्रेट परिसर में रिटर्निंग अधिकारी ओम प्रभा के समक्ष कुल चार नामांकन पत्र पेश किए गए। भाजपा की ओर से अनिता पालीवाल ने नामांकन भरा। 27 का बहुमत, फिर भी अपनों को साधना चुनौती भाजपा के सामने संख्या बल स्पष्ट है, लेकिन चुनाव में अंदरूनी समीकरण भी महत्वपूर्ण होंगे। भाजपा के 9 पार्षद कुमावत समाज से हैं। चुनाव के दौरान कुमावत समाज से सभापति बनाए जाने की मांग को लेकर चर्चा रही थी। ऐसे में पार्टी के निर्णय के बाद इन पार्षदों की भूमिका पर सभी की नजरें रहेंगी। 45 वार्डों वाली नगर परिषद में भाजपा के 27, कांग्रेस के 14 और निर्दलीय 4 पार्षद विजयी हुए हैं। सभापति पद अनारक्षित होने से भाजपा ने सामान्य वर्ग से अनिता पालीवाल को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने 3 नामांकन दाखिल किए हैं। तीनों नामांकन ओबीसी वर्ग के प्रत्याशियों के हैं। कांग्रेस के प्रत्याशी कांग्रेस की ओर से चुन्नीलाल पंचोली, मोहनलाल कुमावत और भूरालाल कुमावत ने नामांकन दाखिल किए हैं। कांग्रेस के 14 पार्षदों में कोई भी सामान्य वर्ग से नहीं है। ऐसे में पार्टी ने ओबीसी वर्ग के तीन पार्षदों को सभापति पद की दौड़ में उतारा है। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को रिटर्निंग अधिकारी के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी। 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 21 सितंबर को सभापति पद के लिए मतदान होगा। अब 21 सितंबर को होने वाले मतदान में संख्या बल के साथ पार्षदों की एकजुटता भी सामने आएगी। भाजपा के पास 27 पार्षद होने से उसके पास स्पष्ट बहुमत है, लेकिन कुमावत समाज के पार्षदों की नाराजगी की चर्चा के बीच यह चुनाव राजनीतिक रूप से दिलचस्प हो गया है।