सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन-7 और 8 में वन विभाग और पशुपालन विभाग की ओर से शाकाहारी वन्यजीवों की हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वन्यजीवों और पक्षियों के स्वास्थ्य की जांच की गई, जिसमें किसी भी प्रकार की बीमारी या संक्रमण नहीं मिला। सभी शाकाहारी वन्यजीव पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। इसके साथ ही वन्यजीवों में आवश्यक खनिज तत्वों की कमी दूर करने के लिए वाटर होल्स के पास मिनरल ब्रिक्स भी रखी गईं। वाटर होल्स पर रखी गईं मिनरल ब्रिक्स रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर (पशुपालन) डॉ. चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि वन्यजीव प्रबंधन के तहत वाटर होल्स के आसपास मिनरल ब्रिक्स रखी गई हैं। निरीक्षण के दौरान शाकाहारी वन्यजीव इन मिनरल ब्रिक्स को चाटते हुए भी दिखाई दिए। इससे उन्हें शरीर के लिए जरूरी खनिज तत्व स्वाभाविक रूप से मिल रहे हैं। सोडियम की कमी से हो सकती है 'पिका' की समस्या डॉ. मीणा ने बताया कि शाकाहारी वन्यजीवों के लिए सोडियम और क्लोराइड बेहद जरूरी खनिज हैं। चूंकि हरे पौधों में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इन जानवरों को अतिरिक्त सोडियम की आवश्यकता पड़ती है। सोडियम की कमी होने पर वन्यजीवों में पिका (Pica) नामक समस्या हो सकती है, जिसमें वे मिट्टी या अन्य अनुपयुक्त वस्तुओं को चाटने और खाने लगते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मददगार उन्होंने बताया कि सोडियम शरीर में जल संतुलन बनाए रखने, डिहाइड्रेशन से बचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और तंत्रिका तंत्र के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से रणथंभौर प्रशासन ने वाटर होल्स के पास मिनरल ब्रिक्स रखवाई हैं, ताकि वन्यजीवों को आवश्यक खनिज तत्व आसानी से उपलब्ध हो सकें। नियमित हेल्थ मॉनिटरिंग से संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा वन विभाग के अनुसार वन्यजीवों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी और पोषण संबंधी यह पहल उनके बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घकालीन संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभाग का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि वन्यजीवों में किसी भी बीमारी या पोषण संबंधी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।