रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में 28 अप्रैल को जोन–2 में सुबह की सफारी के दौरान नियमों की अनदेखी सामने आई है। मामला सामने आने पर वन विभाग ने तीन सफारी गाड़ियों को नोटिस जारी किया है। गाड़ी का GPS भी बंद मिला जानकारी में सामने आया कि सुबह सफारी के लिए गईं गाड़ियों के ड्राइवर टूरिस्ट्स को तय रूट की बजाय जोन–2 के प्रतिबंधित क्षेत्र में ले गए थे। मामले में टूरिस्ट डीएफओ संजीव शर्मा ने गाइड और ड्राइवरों से तीन दिन में जवाब मांगा है। जांच में एक गाड़ी का GPS भी बंद मिला है। विभाग का मानना है कि ऐसा गाड़ी की निगरानी से बचने के लिए किया गया होगा। मामला के खुलासे के बाद से ही वन्यजीव सुरक्षा और निगरानी सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। वन विभाग ने इससे पहले भी सफारी के दौरान GPS बंद होने की घटनाओं को ट्रैक किया है। GPS डेटा के आधार पर 100 से ज्यादा वाहनों पर जुर्माना श्भी लगाया, और कई वाहनों की एंट्री भी बंद की गई थी। बावजूद इसके ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। ड्राइवर–गाइड से मांगा जवाब पर्यटन डीएफओ संजीव शर्मा ने वाहन संख्या RJ25 TA 7001, RJ25 TA 7004 और RJ25 TA 2230 को नियमों में गंभीर लापरवाही बरतने और पर्यटकों की जान जोखिम में डालने का दोषी मानते हुए नोटिस जारी किया है। इन वाहनों के नेचर गाइड राजेन्द्र सिंह राठौड़, विजय सिंह राठौड़ और बलवीर सिंह राठौड़ से भी स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में वाहन नंबर RJ25 TA 2230 का GPS घटना के दिन बंद पाया गया। इससे यह संकेत मिला कि निगरानी से बचने की कोशिश की गई। रणथंभौर में GPS मॉनिटरिंग सफारी नियंत्रण का मुख्य आधार माना जाता है। इसलिए विभाग सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। तीन दिन में सफाई, नहीं तो सख्त कार्रवाई पर्यटन डीएफओ ने तीनों गाड़ियों के नेचर गाइड और ड्राइवरों को 3 दिन में सफाई देने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिसमें वाहन की सफारी एरिश में एंट्री भी बैन की जा सकती है। गौरतलब है कि रणथम्भौर में हाल के महीनों में सफारी नियमों की लगातार अनदेखी सामने आ रही है। GPS के उल्लंघन और वन्यजीवों को घेरने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। विभाग इन मामलों पर पहले से सख्त है।