रणथम्भौर की सबसे बड़ी टाइगर टेरिटरी के मालिक जय यानी T-108 की टेरिटोरियल फाइट की आशंका है। इसे लेकर वन-विभाग चौकन्ना है। किसी अन्य मेल टाइगर के साथ जोन नंबर 10 में टाइगर जय की फाइट होने का अंदेशा है।डीएफओ मानस सिंह ने आशंका जताई है कि निशान इलाके की लड़ाई के हो सकते हैं। 10 साल का ये मेल टाइगर रणथम्भौर की 6 से लेकर 10 नंबर जोन में घूमता है, इसका इलाका 60 वर्ग किमी में फैला है। जबकि अन्य टाइगर 15-20 वर्ग किमी के एरिया में रहते हैं। 7 साल पहले इसी के भाई वीरू की भी टेरिटोरियल फाइट में गंभीर घायल होने के बाद मौत हुई थी। इससे पहले 3 साल तक दोनों भाई एकसाथ घूमते थे, ऐसे में इनका नाम जय और वीरू पड़ा। पढ़िए रणथम्भौर से टाइगर बाघ कुंभा और बाघिन लाड़ली के बेटों की कहानी… ऐसे पड़ा नाम जय और वीरू भाई भी टेरिटोरियल फाइट में मारा गया था साल 2019 में रणथंभौर के जोन नंबर 10 में वीरू (T-109) का बाघ T-42 फतेह के साथ संघर्ष हुआ। इस टेरिटोरियल फाइट में वीरू गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। भाई को खोने के बाद जय अकेला रह गया और उसे जंगल में अपना अस्तित्व बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ा। सबसे बड़े इलाके के मालिक पर हमला इसके बाद जय ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी टेरिटरी स्थापित की। रणथंभौर के जोन नंबर 6, 7, 8, 9 और 10 से उसका सीधा दखल है। फिलहाल टाइगर जय रणथंभौर टाइगर रिजर्व की सबसे बड़ी टेरिटरी का मालिक है। टाइगर जय की टेरिटरी 60 वर्ग किलोमीटर में है। जबकि यहां अन्य टाइगरों की टेरिटरी 15-25 वर्ग किलोमीटर तक है। बड़े इलाके में उसकी मौजूदगी और दूसरे नर बाघों के साथ संभावित क्षेत्रीय टकराव के कारण उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। टेरिटोरिल फाइट की आशंका रविवार को जय के चेहरे के पास चोट के निशान मिलने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया। टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि उसकी स्थिति और चोट की गंभीरता का आकलन किया जा सके। फिलहाल चोट लगने के कारणों को लेकर पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में दूसरे बाघ के साथ संघर्ष की आशंका को जांच और निगरानी के आधार पर ही स्पष्ट किया जा सकेगा। अब उसके जख्मी होने से एक बार फिर रणथंभौर के इस चर्चित बाघ की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं। पढ़ें रणथंभौर के बाघों से जुड़ी ये खबर… बाघिन के शावकों को पालने वाला इकलौता बाघ 'डॉलर':दूसरे टाइगर से बचाया, शिकार सिखाया; 15 साल की उम्र में मौत, खोपड़ी टूटी मिली थी राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 77 टाइगर हैं। इसमें मछली जैसी बाघिन के नाम इतिहास में दर्ज है। इन्हीं के बीच एक टाइगर भी खासा चर्चित रहा। जिसका नाम था- डॉलर। (पढ़ें पूरी खबर)