प्रदेश के वर्ष 2025 के अपराध आंकड़े बताते हैं कि कुल अपराधों में कमी के बावजूद महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। अपराध का स्वरूप बदलते हुए अधिक संवेदनशील और चिंताजनक हो गया है। पुलिस विभाग के ही आंकड़े बताते हैं कि साल 2024 में महिलाओं पर अत्याचार के 37,700 मामले दर्ज हुए थे। ये 2025 में बढ़कर 37,981 हो गए। यानी 0.75% की वृद्धि। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले 94 से बढ़कर 134 हो गए। यानी 42.6% की तेज वृद्धि। नाबालिगों की पीड़ा... 1,681 मामले सामने आए, इनमें 1,260 रेप और 421 गैंगरेप के केस श्रेणीवार विश्लेषण महिलाओं के खिलाफ अपराध का बदलता ट्रेंड दिखाते हैं। इनके मुताबिक दुष्कर्म के कुल मामलों में कमी दर्ज हुई है। 2024 के 6,482 मामलों के मुकाबले 2025 में 5,602 केस सामने आए। हालांकि, बालिग से दुष्कर्म के मामलों में 19.5% की कमी आई, लेकिन नाबालिगों से दुष्कर्म के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई। 2025 में नाबालिग पीड़ितों के 1,681 मामले (1,260 रेप व 421 गैंगरेप) सामने आए, जो पिछले साल से अधिक हैं। साल के मध्य में अधिक केस दर्ज महीनेवार विश्लेषण बताता है कि 2025 में अपराध का दबाव साल के मध्य में अधिक रहा। जून (3,821) और जुलाई (3,845) में सबसे ज्यादा केस दर्ज हुए, जबकि दिसंबर (1,908) और जनवरी (2,591) अपेक्षाकृत कम रहे। कार्रवाई के स्तर पर 37,981 मामलों में से 15,895 में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी है, जबकि 19,588 मामलों में जांच पूरी कर चालान पेश किए जा चुके हैं। 2,498 मामले (6.58%) अब भी लंबित हैं, जिनमें कई गंभीर श्रेणियां शामिल हैं।