बोर्ड ने इंटरव्यू खत्म होने से पहले पिछले रिजल्ट के बारे में पूछा था। कहा- पुलिस की नौकरी में क्या बुराई है। ऐसे जॉब छोड़ते रहोगे तो दूसरों का नंबर कब आएगा। मैंने कहा- सर ये मेरा SDM बनने का अंतिम प्रयास , इसके बाद कोई अटेम्प्ट नहीं दूंगा। इसके बाद बोर्ड ने कहा- ठीक है SDM बनना है तो देखते हैं। यह कहना है RAS-2024 में पहली रैंक लाने वाले दिनेश विश्नोई का। दिनेश की सफलता पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। दिनेश के पिता रामधन विश्नोई ने कहा- ये मिथक है कि शादी के बाद बच्चे नहीं पढ़ सकते। दिनेश ने शादी के बाद परिवार से दूर रहकर ये सफलता हासिल की है। पत्नी प्रियंका ने कहा- रिजल्ट आने के बाद मैंने उनको बधाई दी। मैंने उनको फोन करके कभी डिस्टर्ब नहीं किया। जब वो कॉल करते थे तभी मैं बात करती थी। दिनेश ने तीसरे अटेम्प्ट में SDM बनने का सपना पूरा किया है। पढ़िए दिनेश विश्नोई की RAS टॉपर बनने की कहानी… इंटरव्यू में कहा- दूसरों को मौका कैसे मिलेगा दिनेश ने बताया कि इंटरव्यू खत्म होते ही बोर्ड ने पिछले रिजल्ट के बारे में पूछा था। मैंने बताया कि 57वीं रैंक आई और मैं RPS की ट्रेनिंग ले रहा हूं। इस पर मुझसे सवाल किया कि क्या बुराई है पुलिस में, पुलिस की नौकरी क्यों छोड़ना चाहते हो। ऐसे तो आप जॉब छोड़ते रहोगे, औरों को मौका ही नहीं मिलेगा। तब मैंने कहा- सर RAS एग्जाम देने का मेरा मकसद ही SDM बनना है। ऐसा नहीं है कि पुलिस की नौकरी अच्छी नहीं है या मैं इसे करना नहीं चाहता। ये मेरा अंतिम प्रयास है। अगर मैं इस बार असफल रहता हूं तो फिर से कोई एग्जाम नहीं दूंगा। पुलिस की नौकरी चुन लूंगा। डायमेंशन दिलाते हैं अच्छा स्कोर दिनेश ने कहा- SDM बनना मेरा सपना था। एग्जाम की तैयारी में हरसंभव प्रयास किए कि कोई भी टॉपिक न छूट जाए। प्री तो निकाल लिया, लेकिन RAS का मेन्स रिटन होता है। इसमें जितने ज्यादा डायमेंशन यूज करेंगे उतना ज्यादा अच्छा स्कोर बनता है। मुझे जो भी मटेरियल मिला मैंने उससे गहराई से पढ़ना शुरू किया। इसमें कोचिंग का मटेरियल था, RBSE और NCERT की किताबों से बनाए नोट्स थे। इन बुक्स और नोट्स में लिमिटेड डायमेंशन होती है। ऐसे में, मैं इन टॉपिक्स को चैट GPT पर डालता था और ज्यादा से ज्यादा डायमेंशन देखने की कोशिश करता था। ताकि समस्याओं को अच्छे से समझा जा सके। इसके बाद नोट्स बनाता था। 948 वीं रैंक से नंबर 1 पर आए दिनेश के पिता रामधन विश्नोई (रिटायर्ड प्रिंसिपल) ने कहा- दिनेश की साल 2021 में पहले प्रयास में 948वीं रैंक आई थी। दूसरे प्रयास में 57वीं रैंक और तीसरे प्रयास में दिनेश राजस्थान टॉपर बना है। एक मिथक है कि शादी होने के बाद बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं। दिनेश की शादी 2021 में हो गई थी। उसके बाद में लगातार सारी सफलता शादी के बाद मिली है। अभी उसके 2 माह की बच्ची है। रिश्तेदारों ने बताया बेटा टॉप कर गया मां शांति देवी ने कहा- बहुत ज्यादा खुशी हो रही है। मेरे रिश्तेदारों ने बताया कि आरएएस का रिजल्ट आ गया है आपका बेटा पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा नंबर लाया है। शादी को पांच साल हो गए, 2 साल तक दिनेश बहू के साथ रहता था। अब एक साल से बहू हमारे साथ रह रही है। पत्नी बोली- कभी डिस्टर्ब नहीं करती थी पत्नी प्रियंका ने कहा- मुझे बहुत खुशी है। रिजल्ट आने के बाद मैंने उनको बधाई दी। 2 फरवरी को बच्ची हुई है। शादी हो जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। पढ़ाई सबसे पहले है। मैंने उनको कभी डिस्टर्ब नहीं किया। जब वो कॉल करते थे तभी मैं बात करती थी। मैं सामने से कॉल नहीं करती थी। मैं जीएनएम की तैयारी कर रही हूं। RAS रिजल्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… RAS में आधा नंबर से टॉपर बने दिनेश विश्नोई:बड़े के बाद छोटे भाई की भी 9वीं रैंक आई, पहले प्रयास में 23 साल की शालू का सिलेक्शन RAS में 2nd-रैंक वाले वीरेंद्र ने AI से नोट्स बनाए:25वीं रैंक वाले से इंटरव्यू में पूछा- क्या करप्शन खुशी का पैमाना तय करता है खेत गिरवी रखकर किताबें खरीदी, अब RAS परीक्षा पास की:पिता की मौत के बाद आर्थिक हालात बिगड़े, जयपुर आने-जाने का किराया नहीं होता था 'पारिवारिक समस्या से हर व्यक्ति जूझ रहा':RAS में तीसरी रैंक लाने वाले नवनीत बोले- इस लेवल का अधिकारी बनूं कि ग्रामीणों की समस्या सुलझा सकूं