शहर के नगर रामलीला मैदान में नगर रामलीला मंडल समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला में बुधवार को सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। दिलीप शर्मा ने बताया कि सीता हरण की लीला में कटी नाक लेकर सूर्पनखा रावण के दरबार में पहुंची और रावण को बदला लेने के लिए उकसाया। रावण ने जोगी भेष में सीता का हरण करने का निश्चय किया और मदद के लिए मामा मारीच के पास पहुंचा। रावण और मारीच की कॉमेडी को देखकर दर्शकों ने खूब ताली बजाई। वहीं जोगी भेष में रावण और सीता की संगीतमय जुगलबंदी पर दर्शक झूम उठे। रावण जैसे ही सीता को लेकर जाने लगा तो रास्ते में जटायु से उसका द्वंद युद्ध हुआ, जिसमें जटायु घायल होकर गिर गया। इसके अलावा लक्ष्मण-सीता संवाद, मारीच-राम संवाद, लक्ष्मण-राम संवाद भी रोचक रहे। इससे पूर्व अभिमन्यु सिंह व डॉ.मनीष शर्मा ने भगवान गणेश, मां शारदे और राम-लक्ष्मण-सीता की आरती कर मंचन प्रारंभ कराया। रामलीला मंडल ने सम्मान किया।