राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) में पिछले ढाई साल से अटकी चुनावी प्रक्रिया रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है। राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा एडहॉक कमेटी को हटाकर प्रशासक नियुक्त किए जाने और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करने के बाद चुनाव कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सहकारिता रजिस्ट्रार कार्यालय ने प्रदेश के सभी 33 जिला क्रिकेट संघों से उनके वर्तमान पदाधिकारियों की लिस्ट मांगी है, ताकि मतदाता सूची तैयार कर निर्वाचन कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा सके। दरअसल, रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से प्रदेश के सभी जिला क्रिकेट संघों को अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष की जानकारी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे क्योंकि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में चुनाव लड़ने के लिए जिला संघ का अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष या फिर सचिव होना जरूरी होता है। इसके बाद सभी जिला क्रिकेट संघ ने जिला रजिस्ट्रार के माध्यम से सहकारिता विभाग को अपने जिला क्रिकेट संघ के मौजूदा पदाधिकारियों की लिस्ट सबमिट कर दी है। अब इन पदाधिकारियों की लिस्ट को राजस्थान क्रिकेट संघ के रिकॉर्ड से मिलान करके चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा। ऐसे में लंबे समय से लंबित चुनावों के मद्देनजर सरकार का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व एडहॉक कमेटी की कार्य प्रणाली पर उठाए सवाल हालांकि, कई जिला क्रिकेट संघों ने पूर्व एडहॉक कमेटी की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जिला संघों का कहना है कि पिछले ढाई साल के दौरान कई बार सालाना आमसभा (एजीएम) में चुनाव कराने पर सहमति बनी, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उनका आरोप है कि एडहॉक कमेटी की चुनाव कराने में कोई वास्तविक रुचि नहीं थी और इसी वजह से चुनाव लगातार टलते रहे। चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो राजस्थान क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव और सीकर जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुभाष जोशी ने कहा कि कई बैठकों में चुनाव कराने पर सहमति बनने के बावजूद उसे अमल में नहीं लाया गया। उनका कहना है कि अगर समय पर चुनाव कराए जाते, तो प्रदेश में क्रिकेट प्रशासन सामान्य रूप से संचालित होता। चुनाव नहीं होने से जिला क्रिकेट संघों में असंतोष बढ़ा और राज्य में क्रिकेट गतिविधियां भी प्रभावित हुई। जोशी ने कहा कि अब न्यायालय के हस्तक्षेप और प्रशासक की निगरानी में चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होने की उम्मीद है। जिससे लंबे समय बाद आरसीए को निर्वाचित नेतृत्व मिलने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। इससे प्रदेश में क्रिकेट प्रशासन को स्थिरता मिलेगी और खिलाड़ियों और जिला संघों के हितों से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। हाईकोर्ट ने आरसीए की एडहॉक कमेटी को हटाकर प्रशासक नियुक्त किया था बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में आरसीए की एडहॉक कमेटी को हटाकर प्रशासक नियुक्त किया था और निर्धारित समय सीमा में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ एडहॉक कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है। अब सहकारिता रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 33 जिला क्रिकेट संघों से पदाधिकारियों की जानकारी मांगे जाने को चुनाव प्रक्रिया का पहला बड़ा औपचारिक कदम माना जा रहा है। अब सभी जिला संघ द्वारा अपनी जानकारी उपलब्ध कराने के बाद जल्द ही मतदाता सूची का प्रकाशन और चुनाव कार्यक्रम जारी होने की संभावना है। ऐसे में लंबे समय से चुनाव का इंतजार कर रहे क्रिकेट प्रशासकों, खिलाड़ियों और जिला क्रिकेट संघों की निगाहें अब आगामी कोर्ट द्वारा लगाए गए प्रशासक भास्कर ए. सावंत के फैसलों पर है।