राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) दूध पैकेजिंग में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जयपुर डेयरी समेत प्रदेश की दूसरी सरकारी डेयरियों में दूध, घी समेत अन्य दुग्ध उत्पादों की पैकेजिंग के लिए उपयोग होने वाली पॉलीबैग की मैन्युफेक्चरिंग RCDF करेगा। फेडरेशन 150 करोड़ रुपए की लागत से अपना अत्याधुनिक पॉलीफिल्म प्लांट स्थापित करेगा। इसके लिए जल्द हिंदुस्तान रिफाइनरी लिमिटेड के साथ एमओयू किया जाएगा, जो इस पॉलीफिल्म प्लांट के निर्माण, संचालन में मदद करने के साथ कच्चे माल की सप्लाई देगा। प्रस्तावित प्लांट की उत्पादन क्षमता 20 मीट्रिक टन रोजाना होगी, जिससे दूध पैकेजिंग के लिए आवश्यक पॉलीफिल्म का उत्पादन स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा और लागत में भी कमी आने की उम्मीद है। पॉलीफिल्म प्लांट की 20 मैट्रिक टन रोजाना की उत्पादन क्षमता RCDF एमडी श्रुति भारद्वाज ने बताया- फिलहाल हमारी प्लानिंग 20 मैट्रिक टन पॉलीफिल्म प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का प्लांट बनाने की है, जो पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा। ये प्लांट जयपुर में ही बनाया जाएगा। इस प्लांट के लिए हिन्दुस्तान रिफाईनरी लिमिटेड कच्चा माल सप्लाई करेगी। 150 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान भारद्वाज ने बताया- नए पॉलीफिल्म प्लांट के लगाने पर करीब 150 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान है, लेकिन फाइनल लागत डीपीआर बनने के बाद ही निर्धारित होगी। इसके लिए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट फण्ड से पैसा खर्च किया जाएगा। हर रोज करीब 14 मैट्रिक टन उपयोग एमडी ने बताया- जयपुर डेयरी समेत प्रदेश की दूसरी सरकारी डेयरी में हर रोज औसतन 45 लाख लीटर दूध कलेक्शन और प्रोसेस होता है। इसे पैकिंग करने के लिए इन डेयरी में हर रोज करीब 14 मैट्रिक टन प्रतिदिन पॉलीफिल्म की जरूरत होती है। आरसीडीएफ का आने वाले कुछ सालों में दूध का कलेक्शन 65 लाख लीटर रोजाना पहुंचाने का टारगेट है। इसे देखते हुए हमने 20 मैट्रिक टन क्षमता का प्लांट बनाने का निर्णय किया है, ताकि आगे कोई परेशानी न आ सके।