बाड़मेर | बाड़मेर-जैसलेमर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पचपदरा रिफाइनरी में हुई आगजनी और उत्तरलाई एयरपोर्ट के काम को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने में माहिर है, जबकि धरातल पर काम पूरी तरह शून्य है। सांसद ने कहा कि रिफाइनरी में आगजनी होना गंभीर और चिंता का विषय है। उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले अग्निकांड की घटना हो जाती है और जांच एजेंसियों ने अब तक कोई रिपोर्ट सामने नहीं रखी है। आग के असली कारणों का खुलासा क्यों नहीं किया गया? आखिर इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है, उसके खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए? जनता को जवाब मिलना चाहिए था। जो प्रारंभिक जानकारियां सामने आई हैं, उनके मुताबिक हीट एक्सचेंजर में आग लगी थी क्योंकि उसका वॉल्व लीकेज हो गया था। यहां घटिया क्वालिटी के मेटेरियल का इस्तेमाल किया गया है। मेटेरियल खरीदने में क्या धांधली हुई, किसने गलतियां कीं और इस पर क्या कार्रवाई हुई, इस संबंध में पर्दा डाला जा रहा है। कोई खुलासा करने को तैयार नहीं है। सांसद ने कहा कि यह रिफाइनरी राजनीति का अखाड़ा बनकर रह गई है। इसका दो बार 2013 और 2018 में तो सिर्फ शिलान्यास ही हुआ था। अभी 21 अप्रैल को उद्घाटन तय था, लेकिन तब आग लग गई और कार्यक्रम टल गया। अब आनन-फानन में 4 जुलाई को फिर प्रधानमंत्री से उद्घाटन कराया जा रहा है। सच यह है कि रिफाइनरी कम पेट्रोकैमिकल यूनिट का आधे से ज्यादा काम अभी भी पूरा होना बाकी है। इस अधूरे काम को पूरा होने में अभी 2 से 2.5 साल का वक्त और लगेगा। लेकिन सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए आधी-अधूरी रिफाइनरी का उद्घाटन किया जा रहा है। इसकी लागत जनता की जेब से 37 हजार करोड़ से बढ़कर अब 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।