राजस्थान कैडर के सीनियर आईएएस अफसर शिखर अग्रवाल, उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर ने ढाई साल के भीतर एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदे हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि अलवर के अजबगढ़ में 20 विला की मार्च 2026 और उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज की रजिस्ट्री सितंबर 2023 में हुई। इन्हें बेचने वाली कंपनी का नाम गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड है। इसके देशभर में अनंता नाम से 14 रिसॉर्ट और होटल हैं। आईएएस-आईपीएस दंपती और परिवार ने कंपनी से बुझड़ा और अजबगढ़ के अनंता रिसॉर्ट में ही विला-कॉटेज खरीदे। इनकी रजिस्ट्री के सभी दस्तावेज भास्कर के पास मौजूद हैं। शिखर अग्रवाल वर्तमान में राजस्थान सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) हैं। उनके पास उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, सरकारी उपक्रम, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश एवं प्रवासी राजस्थानी मामलों के विभाग हैं। वे रीको अध्यक्ष और राजसिको अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक और भिवाड़ी एकीकृत विकास प्राधिकरण में विशेषाधिकारी भी हैं। इससे पहले अग्रवाल मुख्यमंत्री के एसीएस थे। उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर प्रदेश की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) हैं। वे फिलहाल योजना, आधुनिकीकरण व कल्याण का काम देख रही हैं। उसी कंपनी को 1.80 करोड़ सालाना की लीज पर दिए सभी 40 विला-कॉटेज को खरीदने में 6 करोड़ 16.5 लाख रुपए खर्च हुए। ये सभी विला-कॉटेज जिस गोयल फैशंस कंपनी से खरीदे गए, उसे ही लीज पर दे दिए गए। बुझड़ा के 20 कॉटेज 4 लाख रुपए प्रति कॉटेज और अजबगढ़ के 20 विला 5 लाख रुपए प्रति विला सालाना के हिसाब से कंपनी को लीज पर दिए गए। यानी हर साल लीज से मिलने वाली रकम 1.80 करोड़ रुपए है। दोनों की सेल और लीज डीड साथ-साथ रजिस्टर्ड हुईं 40 कॉटेज-विला की सेल व लीज डीड साथ-साथ रजिस्टर्ड हुईं। बुझड़ा के कॉटेज की डीड 29 सितंबर 2023 को उप पंजीयक कार्यालय बारापाल में रजिस्टर्ड हुईं। अजबगढ़ के विला की डीड की रजिस्ट्री 27 मार्च 2026 को उप पंजीयक कार्यालय प्रतापगढ़ में हुई। शिखर, प्रशाखा, सास मंजुला व ससुर रघुवंश नारायण माथुर ने रजिस्ट्री कराई। दोनों बेटों की रजिस्ट्री पावर ऑफ अटॉर्नी से प्रशाखा ने कराई। शिखर-प्रशाखा के नाम 28 विला, IPR में 14 ही दर्ज शिखर-प्रशाखा के नाम बुझड़ा और अजबगढ़ में कुल 28 विला-कॉटेज हैं, लेकिन सालाना इम्मूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (आईपीआर) में 14 ही दर्ज हैं। शिखर ने अपने सभी 14 विला-कॉटेज की जानकारी इसी साल 7 जनवरी को भरे आईपीआर में दी है, लेकिन प्रशाखा की ओर से 8 जनवरी 2026 को भरे आईपीआर में प्रॉपर्टी की सूचना शून्य है, जबकि बुझड़ा और अजबगढ़ में उन्होंने 14 विला-कॉटेज खरीदे हैं। … यह खबर भी पढ़ें… मिठाई पर चांदी नहीं 'जहर':लैब टेस्ट में 99% वर्क नकली, चांदी में एल्युमिनियम और सोने में तांबा-जिंक; लिवर-किडनी खराब होने का खतरा राजस्थान में काजू कतली, बर्फी जैसी मिठाइयों पर लगने वाले चांदी और सोने के वर्क एल्युमिनियम और तांबे से तैयार हो रहे हैं। वहीं एल्युमिनियम जिसे खाने से लिवर-किडनी खराब हो सकती है। कैंसर का खतरा पैदा हो सकता है। दैनिक भास्कर ने ये सच सामने लाने के लिए 15 दिन पड़ताल की। (पूरी खबर पढ़ें)