श्रीगंगानर जिले में रिटायर्ड फौजी ने 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा, अपनी फोटो पर माला चढ़ाई और फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। वह घर में अकेले थे। उनकी पत्नी बीकानेर में बड़े बेटे के पास थी। सुसाइड नोट में उन्होंने 3 लोगों पर परेशान करने और भारतीय सेना की जानकारी मांगने का आरोप लगाया है। इनमें से एक को पाकिस्तानी जासूस बताया। उन्होंने शनिवार दोपहर 2.10 बजे फंदे पर लटकने की जानकारी सुसाइड नोट में दी। रिटायर्ड फौजी के घर के सामने रहने वाले परिवार के लोग छत पर आए तो बरामदे में उनको फंदे से लटके देखा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मामला अनूपगढ़ थाना क्षेत्र का है। परिवार के नाम लिखे लेटर में पत्नी से माफी मांगी एसएचओ करतार सिंह ने बताया- वार्ड नंबर 7 निवासी अमर सिंह (65) ने अपने घर के बरामदे में सुसाइड कर लिया। घटना के समय वह घर में अकेले थे। अमर सिंह की तस्वीर के सामने से 8 पेज का सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में अमर सिंह ने लिखा- 29 जुलाई को मेरा फोन चोरी हो चुका है, जिसकी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा दी है। उसकी रसीद मेरे मोबाइल कवर में है। मेरे जाने के बाद कोई खर्चा नहीं करना। मेरे पास जो पल्सर बाइक है, वह रामकुमार को दे देना। बाइक उसी ने मुझे दी थी। दोनों बेटों को कहना चाहूंगा कि अपनी मां का जीवन भर ध्यान रखना। टाइम टू टाइम दवा खिलाना और शाम को जरूर घुमाना। वह बीमार रहती है। आपका पिताजी था, अब नहीं है। माफ करना। मेरी प्यारी धर्मपत्नी कलावती देवी मुझे माफ करना, मैं आपके बुढापे में साथ नहीं दे पाया। अनूपगढ़ एसएचओ के नाम लिखा लेटर रिटायर्ड फौजी ने SHO के नाम लेटर लिखा- मैं सावित्री देवी निवासी 7 NP के साथ 2 साल पहले बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नाम के एक एनजीओ जुड़ा था। टीम में काम करने की वजह से मेरी उससे जान पहचान हुई। संस्था बेटियों को शादी में डोनेशन देती थी। हर महीने-2 महीने में सूरतगढ़ ऑफिस जाता को स्टाफ के रूप में सावित्री देवी वहां मिल जाया करती थी। 16 जुलाई 2026 को सुबह सावित्री देवी ने मुझे फोन किया। उसने कहा कि मैं बाजूवाला से थोड़ा आगे रोड पर खड़ी हूं। इस रोड पर 12 और 1 बजे से पहले कोई बस नहीं आती है, इसलिए आप मेरी मदद करो। मेरे साथ एक बच्ची है, जिसका आईटीआई अनूपगढ़ में एडमिशन कराना है। बस का इंतजार किया तो समय निकल जाएगा, इसलिए आप हमें यहां लेने आ जाओ। मैं इंसानियत के नाते 9 बजे उनको अनूपगढ़ लेकर आ गया। यहां आने के बाद सावित्री देवी ने कहा कि हमें किसी वकील के पास जाना है, कुछ कागज तैयार कराने हैं। मैं उनको लेकर घर गया तो मेरी पत्नी ने खाना बनाकर दोनों को खिलाया। इसके बाद मैंने दोनों को वकील के पास छोड़ा तो माजरा समझ में आया कि वह लड़की घर से बिना बताए सावित्री देवी के घर आ गई थी। उसने कहा कि मुझे बचा लो, मुझे घरवाले मार रहे हैं, इसलिए मैं घर नहीं जाऊंगी। मुझे प्रशासन से सुरक्षा दिलाओ। इस पर सावित्री देवी कोर्ट से सुरक्षा दिलाकर लड़की को घर भेजना चाहती थी। रिटायर्ड फौजी ने आगे लिखा- लड़की को अनूपगढ़ एसडीएम के आगे पेश किया गया। एसडीएम ने अनूपगढ़ थाना अधिकारी को बोला और लड़की को थाने भेज दिया। लड़की जब थाने पहुंची तो उसे बोला गया कि आप रायसिंहनगर थाने जाओ। इसके बाद सावित्री देवी और लड़की दोनों वापस मेरे घर आ गईं। मेरी पत्नी ने पूछा कि क्या हुआ तो सावित्री देवी ने कहा कि आईटीआई वालों ने सुबह बुलाया है। अगली सुबह सावित्री देवी ने कहा कि मुझे वकील के पास छोड़ दो। इस पर मैंने दोनों को वकील के चैंबर पर छोड़ दिया। इस दौरान वकील साहब चैंबर में नहीं आए थे। इसके बाद मैं एसबीआई लाइफ में अपनी ड्यूटी पर चला गया। बाद में मझे वकील से पता चला कि वकील और एसडीएम साहब द्वारा बनाए गए कागज लेकर लड़की थाने पहुंची तो उसे वहां बैठने के लिए कहा गया और परिजनों फोन किया। लड़की के परिजन जब थाने पहुंचे तो उन्हें लड़की वहां नहीं मिली। इसके बाद क्या हुआ मुझे पता नहीं। बीकानेर से लौटते समय अनजान नंबर से फोन आया रिटायर्ड फौजी ने लिखा- 23 जुलाई को मैं पत्नी को दवाई दिलाने बीकानेर ले गया था। 25 जुलाई को डॉक्टर से मिलने का नंबर आया। मेरी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी। मेरे बड़ा बेटा राजकुमार आर्मी में बीकानेर में ही पोस्टेड है। मां की हालत देखकर राजकुमार ने उसे वहीं रोक लिया। 27 जुलाई को मैं अकेला ही अनूपगढ़ वापस आ गया। जब मैं बीकानेर से वापस आ रहा था तो एक अनजान नंबर से मेरे पास एक महिला का फोन आया। उसने कहा कि सावित्री देवी मेरी बेटी को घर से ले गई थी। बस में होने की वजह से मैं ठीक से बात नहीं कर सका। मैंने सोचा अनूपगढ़ पहुंचकर मुझे जितना पता है, लड़की की मां को बता दूंगा। शाम को मेरी पार्षद बहन परमजीत कौर का फोन आया। उसने पूछा कि भाईसाहब कहां हो। इस पर मैंने कहा कि मैं अनूपगढ़ में हूं। परमजीत को मैंने पूरी बात बता दी। उन्होंने लिखा- शाम को वापस उसी अनजान नंबर से कॉल आया। मैंने कहा कि मैं थोड़ा बिजी हूं, फ्री होकर आपको फोन करता हूं। फ्री होकर फोन किया तो उस नंबर पर एक आदमी बोल रहा था। उसने पूछा कि आप कौन बोल रहे हैं तो मैंने अपना परिचय दिया। इस पर सामने वाले आदमी ने पूछा कि लड़की कहां है। मुझे जितनी जानकारी थी मैंने उसे बता दी, लेकिन वह अभद्र व्यवहार करने लगा। उसने कहा- मैं इंडियन आर्मी से बोल रहा हूं। तू कहां-कहां रहा है, तेरा आर्मी का कोड नंबर बता। वहां तुम्हारे पास क्या-क्या सामान था। मुझे सब बता। आराम से सोचकर आर्मी की पूरी जानकारी मुझे बता। तू इस टाइम कहां है बता मैं दारू की बोतल लेकर आता हूं। दोनों बैठेंगे। मुझे आर्मी की सारी जानकारी बता। ये लड़की की आड़ में मुझसे आर्मी की जानकारी लेना चाहते हैं। मैं मेरी इंडियन आर्मी के बारे में किसी को एक शब्द नहीं बताऊंगा। मेरी आर्मी हिंदुस्तान की आन बान शान है। इस पर हम दाग नहीं लगने देंगे। इसके बाद मैं कैसे भी करके बहन परमजीत कौर के पास पहुंचा और सारी बात बताई। तब तक उसका फोन फिर आ गया तो बहन परमजीत बोली भाई साहब फोन मुझे दो और बहन ने उससे बात की तो उसने बहन को भी गंदा बोला। बहन ने उसको अच्छा डांटा तब उसने फोन काट दिया। लेटर में किडनैपिंग की जताई आशंका उन्होंने लिखा- 28 जुलाई को तीन आदमी मेरे घर के पास आए और पड़ोस में मुझे लेकर पूछताछ की। फोन करने वाला मुझसे आर्मी की जानकारी लेने की फिराक में था। उसकी वजह से मैं अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं। मैं नहीं चाहता कि रात को मेरा किडनैप कर मुझसे आर्मी की जानकारी ले लें। मेरे देश की खातिर मर सकता हूं, लेकिन आर्मी की जानकारी नहीं दूंगा। आरोपी को जल्द पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। पुलिस जांच में सामने आएगी आरोपों की सच्चाई अनूपगढ़ एसएचओ करतार सिंह ने बताया- मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फिलहाल इसकी जांच कर रही है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगी। 2009 में हुए थे रिटायर, सिक्योरिटी गार्ड की कर रहे थे नौकरी अमर सिंह 2009 में MT ड्राइवर की पोस्ट से रिटायर हुए थे और इसके बाद SBI लाइफ में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उसकी पत्नी कलावती देवी बीकानेर में बड़े बेटे राजकुमार के पास थीं। छोटा बेटा रामकुमार 65 जीबी गांव में था, जहां वह ड्राइवरी का काम करता है। ये खबर भी पढ़ें राजस्थान के युवक ने आतंकी को दिया ओटीपी:पाकिस्तान में सिम एक्टिव होते ही ATS ने घर से पकड़ा, टेरेरिस्ट शहजाद भट्टी गैंग से जुड़ा बीकानेर पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के गुर्गे को इंडियन सिम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। जयपुर की एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (ATS) के सूत्रों के अनुसार बज्जू थाना क्षेत्र के गौड़ू गांव का रहने वाला अनिल कुमार (22) लंबे समय से आतंकी के गुर्गे उज्जेर से संपर्क में था। (पढ़ें पूरी खबर)