जालोर के सरकारी स्कूल में स्टूडेंट्स और टीचर्स ने छात्राओं के चरण धोए, तिलक लगाया और छात्राओं की कलाई पर मौली बांधी गई। इसके बाद माला पहनाकर विधिवत आरती उतारकर नारी सम्मान का संकल्प लिया गया। दरअसल, बुधवार को गर्वनमेंट सीनियर सैकंडरी स्कूल, रेवत में 'संस्कार सिंचन अभियान' के तहत कन्या पूजन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स में गर्ल्स के प्रति सम्मान, सुरक्षा, समरसता और सकारात्मक सोच की भावना को विकसित करना था। कार्यक्रम में छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पेन, कॉपियां, कलर, ड्राइंग बुक और परीक्षा तख्ती जैसी शिक्षण सामग्रियां भेंट की गईं। बचपन से ही बचत की आदत डालने के लिए उन्हें विशेष रूप से गुल्लक भी प्रदान किए गए। पूरा स्कूल परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और 'भारत माता की जय' के जयकारों से गूंजा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) भंवरलाल और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ममता अग्रवाल थे। जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान का सर्वोच्च स्थान है। स्कूल स्तर पर ऐसे आयोजनों से छात्रों में अपनी सहपाठी छात्राओं और समग्र नारी शक्ति के प्रति आदर भाव गहरा होता है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ममता अग्रवाल ने कहा कि कन्या पूजन मात्र एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि बालकों को नारी सम्मान का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और बालिकाओं में आत्मविश्वास का संचार करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बच्चों के मन को संस्कारित कर एक सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया। स्कूल के संस्था प्रधान छगन पुरी गोस्वामी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा समाज और देश के प्रति दायित्वों को निभाने का सबसे सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के प्रेरक एवं इतिहास व्याख्याता संदीप जोशी ने कहा कि नारी सम्मान की भावना केवल किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे दैनिक व्यवहार में उतारना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रमोद वैष्णव ने किया। इस अवसर पर स्कूल के उपाचार्य वसनाराम प्रजापत, शिक्षक-शिक्षिकाएं, ग्रामीण जन और सैकड़ों स्टूडेंट्स मौजूद रहे।