शांतिनगर बी-ब्लॉक कॉलोनी स्थित विनायक मित्र मंडल के गणपति पंडाल में ऋषि पंचमी पर महर्षि जाबालि का स्मरण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में कॉलोनी की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने महर्षि के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दीप प्रज्वलित कर पूजन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने महर्षि जाबालि के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महर्षि जाबालि की तपस्या से इस क्षेत्र की पहचान जुड़ी है। वक्ताओं के अनुसार, प्राचीन काल में नगर का नाम ‘जाबालीपुरम’ था, जो कालांतर में जालोर कहलाया। वक्ताओं ने जाबालोपनिषद में वर्णित ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास की चतुराश्रम व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने जीवन के विभिन्न चरणों में शिक्षा, पारिवारिक जिम्मेदारियों, संयम और त्याग के महत्व को समझाते हुए इन शिक्षाओं को वर्तमान समाज के लिए उपयोगी बताया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से ऋषि पूजन कर ज्ञान, संयम और परोपकार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विनायक मित्र मंडल के कार्यकर्ता और कॉलोनी के नागरिक उपस्थित रहे। अंत में मंडल की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया गया।