रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट हनुमानगढ़ का सहायक सुरक्षा आयुक्त (बीकानेर) कैलाश चंद्र ने रविवार को वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पोस्ट परिसर की साफ-सफाई, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहनता से परीक्षण किया। अधिकारियों और जवानों को सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान सहायक सुरक्षा आयुक्त ने पोस्ट परिसर का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने शस्त्रागार, मालखाना, अभिलेखों के रखरखाव, संचार उपकरणों की कार्यस्थिति और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की। रिकॉर्ड संधारण, संसाधनों के रखरखाव और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का भी मूल्यांकन किया गया। सुरक्षा सम्मेलन में उमड़े कर्मचारी निरीक्षण के बाद रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट परिसर में एक सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें पोस्ट के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सहायक सुरक्षा आयुक्त कैलाश चंद्र ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुदृढ़ और परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ सुरक्षा में आधुनिक तकनीकों का समावेश आवश्यक है। सम्मेलन में रेलवे सुरक्षा बल की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर विशेष बल दिया गया। सभी कार्मिकों को ईमानदारी, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने को कहा गया। यात्रियों की सुरक्षा को बताया सबसे पहले सहायक सुरक्षा आयुक्त ने यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और अपराधों की रोकथाम को आरपीएफ की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता, अनुशासन और पूर्ण निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर सजग रहने पर भी जोर दिया गया। अंत में रेलवे सुरक्षा बल हनुमानगढ़ के निरीक्षक बलवीर सिंह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।