राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने RAS परीक्षा-2024 के जारी रिजल्ट में उदयपुर से भी कई जनों का सिलेक्शन हुआ, लेकिन टॉप-20 की रैंक में उदयपुर से किसी का नाम नहीं है। उदयपुर में जिनका चयन हुआ उनके घर पर जश्न था। परिवार और दोस्तों ने बधाई देते हुए मिठाइयां बांटी। उदयपुर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों से आरएएस एक्जाम देने वालों में जिनका सिलेक्शन हुआ, उनमें अधितकर सरकारी सेवा में ही है और अब वे आरएएस बन गए है। आज का दिन उनके लिए खास था। उदयपुर के आयड़ क्षेत्र में चंदनवाड़ी में रहने वाले जुहिल कोठारी की 51वीं रैंक आई। कोठारी ने बताया कि पापा के साथ मंडी में बिजनेस पर समय देता था और एक्जाम के समय पढ़ाई पर ज्यादा फोकस किया। वे कहते हैं कि कोचिंग नहीं की और टेस्ट सीरीज लगाई थी। शुरूआत में आईएएस की तैयारी की थी और इसके बाद आरएएस की तैयारी में लगा। ये मेरा चौथा अटेम्प्ट था। इंटरव्यू में महाराणा प्रताप, राणा सांगा के बारे में पूछा जुहिल कोठारी ने बताया कि इंटरव्यू में मुझे मेवाड़ के इतिहास के बारे में पूछा, इसमें महाराणा प्रताप, राणा सांगा के बारे में पूछा गया और जयपुर के स्थापना दिवस को लेकर भी सवाल किए। सेंटपॉल्स में स्कूलिंग की और मोहनलाल सुखाड़िया विश्विवद्यालय से इतिहास में एम.ए. किया। अर्चित कंठालिया की 145वीं रैंक अर्चित कंठालिया की 145वीं रैंक आई है। अर्चित अभी पटवारी की ट्रेनिंग ले रहे हैं। अब आरएएस में सिलेक्शन के बाद घर में खुशियां मनाई जा रही है। उदयपुर के विश्वविद्यालय मार्ग पर रहने वाले अर्चित कंठालिया की आरएएस में 145वीं रैंक रही। अर्चित के रिजल्ट के बाद रिश्तेदार और दोस्त उनके घर पहुंचे। घर पर ढोल के बीच जश्न मनाया गया। RAS में सिलेक्शन का पता चला तो सब जल्दी पहुंचे घर अर्चित के दोस्तों और परिवार के सदस्यों ने माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। अर्चित के पापा प्रवीण और मां सीमा कंठालिया ने बेटे का मुंह मीठा कराया। अंकल एडवोकेट प्रकाश कंठालिया ने बताया कि जैसे ही यह पता चला कि अर्चित का सिलेक्शन हुआ तो सब जल्दी से घर आए। दिसंबर 2025 में ही पटवारी में चयन हुआ था, जिसकी ट्रेनिंग चल रही है। सोशल मीडिया के साथ आरएएस की तैयारी में बिठाया कॉर्डिनेशन अर्चित ने बताया कि आरएएस में दो साल तक मेहनत की। सोशल मीडिया के साथ आरएएस की तैयारी में कॉर्डिनेशन बिठाया। बाद में धीरे-धीरे सोशल मीडिया कम ही कर दिया। मेन्स में जयपुर में कोचिंग की और आठ घंटे तक पढ़ाई करते थे। साक्षात्कार के दौरान उनको नीति शास्त्र और धार्मिक ग्रंथों से लेकर सवाल किए थे। दृष्टिबाधित शिक्षक भावेश देसाई का चयन उदयपुर के दृष्टिबाधित शिक्षक भावेश देसाई का आरएएस में सलेक्शन हुआ है। वे उदयपुर में पहले से ही थर्ड ग्रेड अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं और कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर अनुसूचित क्षेत्र से जनरल वर्ग में 97वीं रैंक तथा टीएसपी के दृष्टि दिव्यांग श्रेणी में दूसरी रैंक प्राप्त की। 7 साल की मेहनत रंग लाई और पवन का चयन हुआ उदयपुर के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के गांव रूंडेड़ा निवासी पवन मेघवाल की एससी वर्ग में 33वीं रैंक प्राप्त हुई है। वे कहते है कि उनका तहसीलदार सेवा में चयन होने की उम्मीद है। पवन के पिता डालचंद मेघवाल सेवानिवृत्त शिक्षक है और मां शांता देवी गृहिणी है। उन्होंने आईआईटी से बीटेक किया है और पिछले 7 वर्षों से लगातार सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे। उन्होंने IAS और RAS के अलावा किसी अन्य परीक्षा में भाग नहीं लिया। चुनौतियों से भरा रहा सफर पवन के अनुसार, यह सफर चुनौतियों से भरा रहा। बदलते परीक्षा पैटर्न और प्रतिस्पर्धा के दबाव ने कई बार तनाव भी दिया, लेकिन ईश्वर में आस्था और निरंतर मेहनत ने उन्हें सफलता दिलाई। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवारजनों और मित्र उज्ज्वल दाधीच को दिया, जिन्होंने हर समय उनका हौसला बढ़ाया। लाइव अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाए… वीडियो सहयोग : सलूंबर से गजेंद्र लक्षकार, रूंडेड़ा से लखन मेनारिया, सेमारी से जितेंद्र पंचोली