राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) से जुड़े पेपर लीक मामलों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच अब बड़े अधिकारियों तक पहुंच गई है। जांच एजेंसी ने RPSC के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ को पूछताछ के लिए तलब किया। पूछताछ के बाद मंगलवार शाम को छोड़ दिया। वहीं, बुधवार सुबह 10:30 बजे फिर से बुलाया है। शिव सिंह राठौड़ से पूछताछ के लिए एसओजी सुबह 6.30 बजे जोधपुर स्थित उनके घर पहुंची थी था। जयपुर लाकर 11 बजे पूछताछ शुरू की गई थी। यहां पर पहले अकेले से पूछताछ की। उनके कार्यकाल के दौरान हुई सभी परीक्षाओं में उनकी भूमिका के संबंध में पूछताछ की गई। इसके बाद आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के साथ ज्वाइंट पूछताछ हुई। पूछताछ के बाद शिव सिंह राठौड़ ने बताया- इस परीक्षा से मेरा कोई लेनादेना नहीं था। ये मेरे रिटायर्मेंट के बाद का मामला था। इसके बारे में पूछताछ की गई। एसओजी ने एक यूडीसी को पकड़ा वहीं, एसओजी ने मंगलवार को अजमेर से आरपीएससी के यूडीसी मानसिंह मीणा को पूछताछ के लिए राउंड अप किया है। 60 लाख में बेचा गया था पेपर एसओजी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले से जुड़ी हुई है। जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय में 10 मई को पेपर लीक रैकेट का खुलासा किया था। जांच में सामने आया था कि इस भर्ती परीक्षा का पेपर 60 लाख रुपए में बेचा गया था। पेपर लीक के मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा ने एसओजी की पूछताछ में स्वीकार किया था कि स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) का पेपर उसे तत्कालीन RPSC मेंबर बाबूलाल कटारा ने 60 लाख रुपए में दिया था। एसओजी की पूछताछ के दौरान शेर सिंह ने लेक्चरर पेपर लीक में पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ का नाम लिया था। पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई हो चुके हैं गिरफ्तार जांच एजेंसी इस पूरे मामले में RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन गिरफ्तारियों और जांच के दौरान हुए खुलासों के बाद ही आयोग के बड़े अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई थी। जांच में मिले सुरागों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. राठौड़ से विस्तृत पूछताछ की गई। कार्यवाहक अध्यक्ष के कार्यकाल से जुड़ी हैं भर्तियां डॉ. शिव सिंह राठौड़ को दिसंबर 2021 में RPSC का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। वे आयोग के सबसे युवा चेयरमैन में गिने जाते हैं। पेपर लीक का कथित दौर भी इसी अवधि के आसपास आयोजित भर्तियों से जुड़ा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी लंबे समय से इन धांधलियों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आयोग के पूर्व अध्यक्ष सहित अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठा रहे थे। अभ्यर्थियों के आंदोलन और दबाव का असर पेपर लीक प्रकरणों से नाराज प्रतियोगी अभ्यर्थी इस कार्रवाई को ‘आरपीएससी में बैठे जिम्मेदारों तक जांच की आंच पहुंचने’ के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। … यह खबर भी पढ़ें.. कटारा ने कृषि विज्ञान लेक्चरर भर्ती का पेपर भी बेचा:पेपरलीक माफिया से 60 लाख रुपए और भांजे के लिए भूगोल का पेपर लिया था राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व मेंबर बाबूलाल कटारा ने स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर 60 लाख रुपए में बेचा था। कटारा ने अपने भांजे के लिए भूगोल का पेपर भी मांगा था। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में यह खुलासा हुआ है। (पूरी खबर पढ़ें)