भरतपुर की रूपवास नगर पालिका में बीजेपी से दिलीप अंधाना निर्विरोध चेयरमैन बनना तय हो चुका है। कांग्रेस से किसी भी प्रत्याशी ने आवेदन नहीं किया। दिलीप अंधाना का परिवार कांग्रेस से आता है। दिलीप के फूफा दिनेश सूपा भरतपुर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं। दिलीप शुरुआत में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में थे। बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए। वार्ड नंबर 11 से जीते थे दिलीप दिलीप अंधाना वार्ड नंबर 11 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर खड़े हुए थे। वह 101 वोटों से जीते। दिलीप ने निर्दलीय प्रत्याशी नवनीत डागुर को हराया था। इसके अलावा दिलीप अंधाना के भाई तरुण अंधाना वार्ड नंबर वार्ड नंबर 15 से कांग्रेस से खड़े हुए और बहुजन समाज पार्टी के मोती सिंह को 18 वोटों से हराया। चाची कांग्रेस की टिकट से जीती चुनाव दिलीप अंधाना की चाची राममूर्ति अंधाना वार्ड नंबर 2 से खड़ी हुई। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की ओमवती देवी को 45 वोटों से हराया। ऐसे में दिलीप अंधाना का बीजेपी में शामिल होना सभी को चौंका रहा है। रूपवास नगर पालिका में 25 वार्डों में चुनाव हुआ था। जिसमें से कांग्रेस के 2 और बीजेपी के 9 प्रत्याशी जीते। 14 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी ने विजय हासिल की, इसलिए कांग्रेस को चेयरमैन पद की दावेदारी के लिए कोई प्रत्याशी नहीं मिला। कांग्रेस की बाड़ेबंदी से निकलकर बीजेपी में हुए शामिल बाड़ेबंदी के दौरान कांग्रेस लगातार दावा कर रही थी कि वह नगर पालिका में अपना चेयरमैन बनायेगे। कई निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ कांग्रेस ने बाड़ेबंदी भी की, बाड़ेबंदी से निकलकर कई प्रत्याशी बीजेपी में शामिल हो गए।