श्रीनिवास सोनी | सादुलपुर सांखू रोड रेल फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले नौ माह से बंद पड़ा है। इसके चलते वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह परेशानी क्षेत्र के लोगों को अभी ओर कई माह तक झेलनी होगी, क्योंकि रेलवे ने डबल ट्रैक बिछाने और भविष्य के लिए जमीन सेफ रखने के लिए ओवरब्रिज की डिजाइन में बड़ा फेरबदल किया है और ओवरब्रिज का निर्माण होने के बाद ही सर्विस रोड बनेगी। डिजाइन में बदलाव के साथ ही परियोजना की लागत भी बढ़ गई है। पहले जहां रेलवे ट्रैक के ऊपर 75 मीटर का स्पैन बनना था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 150 मीटर धनुषाकार किया जाएगा, जिसके बीच में कोई पिलर नहीं होगा। यह काम अब रेलवे स्वयं करेगा। सांसद राहुल कस्वां के प्रयास से मार्च 2025 में 29.80 करोड़ रुपए की लागत से 860 मीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ था। डिजाइन चेंज होने के कारण अब इसकी लागत में 24 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। जल्द ही इसके नए टेंडर जारी होंगे। अब 53.80 करोड़ में 860 मीटर लंबा ब्रिज बनेगा। ओवरब्रिज अब पिलानी फाटक पर बने धनुषाकार ब्रिज की तरह ही सीधा गार्डर डालकर तैयार किया जाएगा। सांसद कस्वां ने बताया कि हाल ही में रेलवे के जीएम और डीआरएम से वार्ता हुई है। पहले 75 मीटर स्पैन के टेंडर निकले थे, जिसे अब बढ़ाकर 150 मीटर किया गया है। 150 मीटर धनुषाकार ओवरब्रिज की परमिशन जल्द आ जाएगी, जिसके बाद काम दोबारा गति पकड़ेगा। पुराने ठेकेदार का काम लगभग पूरा हो चुका है, अब आगे का काम रेलवे स्वयं करवाएगा। मुख्य ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद ही सर्विस रोड बनाई जाएगी। तब तक दुपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर शॉर्टकट से गुजरने को मजबूर हैं, जबकि बड़े वाहनों को करीब डेढ़ किमी का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है। ओवरब्रिज का काम शुरू होने के बाद से सांखू सर्किल से मिनी सचिवालय, पंचायत समिति, बिजली बोर्ड और एफसीआई गोदाम जाने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद है। इसके अलावा पंचायत समिति से शहीद स्मारक तक की सीमेंटेड रोड को करीब एक साल पहले तोड़ दिया गया था। जगह-जगह पड़े मलबे और पत्थरों के कारण पैदल यात्रियों के लिए भी निकलना मुश्किल हो गया है।