राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ असंगठित और संगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के जीवन स्तर और सुरक्षा को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कारखानों में नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही मजूदरों की साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य किया गया है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ऑटो-रिन्युअल की व्यवस्था लागू की गई है। इसको लेकर राज्य सरकार ने राजस्थान व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएं नियम-2026 को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इन नए नियमों के लागू होने से प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे एक तरफ व्यवसायों को प्रशासनिक जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ श्रमिकों को सुरक्षित और बेहतर कार्य माहौल मिलेगा। सुगम व्यापार पर विशेष फोकस नए नियमों के तहत अब कारखानों, निर्माण कार्यों, मोटर परिवहन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण और लाइसेंसिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। अब सभी प्रकार के आवेदन और फीस का भुगतान आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही होगा। लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। तय शर्तों और फीस के साथ सिस्टम जनित ऑटो-रिन्यूअल की व्यवस्था की गई है। श्रमिकों की सेहत और सुरक्षा सर्वोपरि इस अधिसूचना में नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं। सभी प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों की साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच करानी होगी। कारखानों और निर्माण स्थलों पर अनिवार्य रूप से सुरक्षा समितियों का गठन किया जाएगा और योग्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। किसी भी गंभीर दुर्घटना या खतरनाक घटना की स्थिति में तय समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से श्रम विभाग को सूचित करना अनिवार्य होगा। महिला कर्मचारियों के लिए नाइट शिफ्ट के विशेष नियम महिला सशक्तीकरण और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट (रात 7 बजे से सुबह 6 बजे के बीच) में काम करने की अनुमति दी है, लेकिन इसके लिए कड़े सुरक्षा नियम तय किए हैं। नियोक्ताओं को कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और उनके आने-जाने के सुरक्षित इंतजाम करने होंगे। नाइट शिफ्ट के लिए महिला कर्मचारियों की स्पष्ट सहमति अनिवार्य होगी। प्रवासी और अनुबंध श्रमिकों को मिलेगा हक नए नियमों में अनुबंध श्रम और अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों को भी सुरक्षित किया गया है। उनके काम के घंटे, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान और सभी प्रकार के रजिस्टरों व रिटर्न के रख-रखाव को पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। अन्य राज्यों से आकर राजस्थान में काम करने वाले श्रमिकों के लिए नियोक्ताओं को आवास, चिकित्सा सुविधाएं और उनके गृह राज्य आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता देना होगा।मुख्य नियोक्ता की यह जिम्मेदारी होगी कि ठेकेदार की ओर से श्रमिकों को समय पर और पूरा वेतन दिया जा रहा है या नहीं। यदि ठेकेदार विफल रहता है, तो मुख्य नियोक्ता को भुगतान करना होगा। ओवरटाइम का दोगुना भुगतान नियमों में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी तय कार्य घंटों (सामान्यतः 8 घंटे प्रतिदिन या 48 घंटे प्रति सप्ताह) से अधिक काम करता है, तो उसे ओवरटाइम के हर घंटे के लिए उसकी सामान्य मजदूरी की दोगुनी दर से भुगतान करना होगा। कर्मचारियों को उनके द्वारा किए गए कार्य दिवसों के अनुपात में वार्षिक छुट्टियां मिलने का स्पष्ट अधिकार तय किया गया है, जिन्हें न लेने पर नियमानुसार अगले वर्ष में जोड़ा जा सकता है।