चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में ही सोमवार से दो दिवसीय इंटर हाउस एक्वेटिक चैंपियनशिप की शुरुआत हुई। 27 और 28 जुलाई तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में स्कूल के सभी 11 हाउस के कक्षा 6 से 11 तक के कैडेट्स हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन स्कूल का स्विमिंग पूल खिलाड़ियों के उत्साह से भरा नजर आया। अलग-अलग आयु वर्ग के कैडेट्स ने पूरे जोश के साथ अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रतियोगिता का उद्देश्य सिर्फ जीत हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों में फिटनेस, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीमवर्क की भावना को मजबूत करना भी है। इसी कारण से सैनिक स्कूल हर साल इस तरह की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है, ताकि कैडेट्स पढ़ाई के साथ खेलों में भी आगे बढ़ सकें। पांच वर्गों में हो रही प्रतियोगिता चैंपियनशिप का उद्घाटन स्कूल के प्रिंसिपल कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने किया। इस दौरान वाइस प्रिंसिपल लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल और प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार भी मौजूद रहे। स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि प्रतियोगिता को ग्रुप ए (सीनियर्स), ग्रुप बी (जूनियर्स), ग्रुप सी (सब जूनियर्स) और गर्ल्स के ग्रुप डी व ई में बांटा गया है। दो दिनों तक 25 मीटर फ्रीस्टाइल, 50 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर फ्रीस्टाइल रिले सहित कई स्विमिंग कंपटीशन कराई जाएंगी। पहले दिन हुई प्रतियोगिताओं में कैडेट्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों का उत्साह और मुकाबले का रोमांच देखने लायक रहा। स्कूल के शिक्षक और अन्य कैडेट्स भी प्रतियोगिता देखने पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे। प्रिंसिपल बोले- खेल से बनता है आत्मविश्वास और अनुशासन इस मौके पर प्रिंसिपल कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने कहा कि स्विमिंग सिर्फ़ एक खेल नहीं है, बल्कि यह बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का माध्यम भी है। इससे अनुशासन, धैर्य, साहस और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों को टीम के साथ काम करना सिखाते हैं और हर चुनौती का सामना करने का हौसला भी देते हैं। उन्होंने सभी कैडेट्स से खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन सीख और अनुभव हमेशा साथ रहते हैं। इसलिए हर खिलाड़ी को पूरे मन से प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए। अच्छा प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को मिलेंगे प्राइस और सर्टिफिकेट चैंपियनशिप का समापन मंगलवार को होगा। अंतिम दिन सभी सभी कंपटीशन के रिज़ल्ट घोषित किए जाएंगे और अच्छा प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को प्राइस और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा। स्कूल प्रशासन का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं कैडेट्स के विकास में जरूरी भूमिका निभाती हैं। पढ़ाई के साथ खेलों में भाग लेने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। यही कारण है कि सैनिक स्कूल में खेल गतिविधियों को नियमित रूप से बढ़ावा दिया जाता है, ताकि यहां से निकलने वाले कैडेट्स हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।