सलूंबर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन को शुद्ध और सुरक्षित दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान चलाया। इस दौरान विभाग की टीम ने विभिन्न दूध एकत्रीकरण केंद्रों और डेयरियों का निरीक्षण कर 5 दूध के नमूने लिए। इन नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। प्रशासन ने चलाया अभियान यह अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान टी.शुभ मंगला के निर्देश तथा जिला कलक्टर मोहम्मद जुनैद और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में शुरू किया गया है। विभाग का उद्देश्य ऋतु परिवर्तन, विशेषकर बरसात के मौसम में, आमजन तक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दूध पहुंचाना है। जगह-जगह से लिया सैंपल खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले केवड़ा दूध डेयरी और जय मुलेश्वरी डेयरी का निरीक्षण कर दूध के नमूने लिए। इसके बाद धावड़िया स्थित दूध एकत्रीकरण केंद्र का निरीक्षण किया गया। बता दें कि इसी केंद्र से पहले लिया गया दूध का नमूना जांच में अमानक स्तर का पाया गया था, जिसके बाद विभाग ने संबंधित फर्म के खिलाफ न्यायालय में चालान भी प्रस्तुत किया था। उसी केंद्र से दोबारा दूध का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है। मिलावट की आशंका पर कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए जिलेभर में निरीक्षण और नमूनीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों को खाद्य अनुज्ञापत्र (एफएसएसएआई लाइसेंस) प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने, खुले में खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं करने तथा खाद्य पदार्थों के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल का उपयोग करने के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी,प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीणा तथा सहायक शूरवीर सिंह मौजूद रहे। यह अभियान आगामी दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहेगा।