सलूम्बर में गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत एक बैठक हुई। संघ कार्यालय में हुई बैठक में 27 जुलाई को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गोसंरक्षण के संबंध में ज्ञापन सौंपने के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा की बैठक में अभियान की रूपरेखा, जनसंपर्क कार्यक्रम, संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्धारण और विभिन्न तहसीलों व नगरों में कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। इसका उद्देश्य अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि 27 जुलाई का कार्यक्रम केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं रहेगा। इसे गोसंरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रति जनजागरण के एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे पोस्टर के माध्यम से गांव-गांव और शहर-शहर अभियान का संदेश पहुंचाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ेंगे। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया बैठक में तहसील, खंड, नगर और जिला स्तर के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने अपने विचार साझा किए और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, गोभक्तों तथा सनातन समाज के लोगों को जोड़ने का आह्वान किया। इसका लक्ष्य 27 जुलाई के ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाना है। वक्ताओं ने बताया कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में घर-घर संपर्क करेगा। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को अभियान से जोड़ना है, ताकि गोसंरक्षण और गोसम्मान की मांग को व्यापक जनसमर्थन मिल सके। बैठक का समापन "गोमाता का सम्मान – राष्ट्र का सम्मान" के उद्घोष के साथ हुआ। उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने अभियान को सफल बनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।