सलूंबर में सोमवार को ‘गो-सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत गौवंश की सुरक्षा और सम्मान के लिए विशाल रैली निकाली गई। इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपकर देशी गौवंश को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने तथा कड़ा केंद्रीय कानून बनाने की मांग उठाई गई। रैली गांधी चौक से शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में गौभक्तों, महिलाओं, युवाओं और साधु-संतों ने भाग लिया। गौ-भजनों और जयकारों के बीच निकली यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। रैली में शामिल लोग ‘गौ माता को न्याय दो’ और ‘गौ हत्या बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। सुबह गांधी चौक पर नगर और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों लोग एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गौ-भजनों से हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ज्ञापन में रखी गईं 8 प्रमुख मांगें- संतों की रहीउपस्थिति रैली और ज्ञापन कार्यक्रम में कई संत-महात्माओं की उपस्थिति रही। इनमें संत श्री योगी इतवर नाथ जी, संत श्री रामानुज दास जी, संत श्री सुंदर नाथजी, साध्वीजी, संत श्री व्यास बापू गिरनारी जी, संत श्रीराम गिरी जी महाराज, संत श्री श्रीनाथजी, शंकर पुरी जी महाराज, भक्त राम जी महाराज और सिद्ध नाथ जी महाराज सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा- गौवंश संरक्षण राष्ट्र निर्माण से जुड़ा विषय आयोजकों ने कहा कि यह अभियान केवल आस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ है। उनका कहना था कि जब तक गौवंश सड़कों पर दुर्दशा का शिकार रहेगा, तब तक सांस्कृतिक पुनरुत्थान अधूरा रहेगा। प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाया गया है कि अब गौवंश के लिए निर्णायक नीतिगत और कानूनी फैसलों का समय आ गया है।