सारनेश्वरजी गांव में अवैध निर्माण और अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्रामवासियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामवासियों द्वारा कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि सारनेश्वरजी मंदिर के बाहर देवासी समाज द्वारा एक धर्मशाला का निर्माण किया गया था। यह धर्मशाला देवस्थान भूमि पर बनी है और निर्माण के बाद इसे देवस्थान बोर्ड सारनेश्वरजी को सौंप दिया गया था। ज्ञापन के अनुसार देवासी समाज ने मंगलवार को धर्मशाला के सामने स्थित लगभग 15 बीघा जमीन पर नया निर्माण कार्य शुरू किया है। इस भूमि पर पूर्व में ठिकाने के वंशजों की छतरियां, भूतेश्वर महादेव मंदिर, मठ, राजपूत समाज के सती माता के चबूतरे, रामेश्वर महादेव मंदिर, माली समाज के कुलदेवी का मंदिर और लक्ष्मी नारायण मंदिर जैसे 500 वर्ष से अधिक पुराने धार्मिक स्थल स्थित हैं, जो 36 कौम के आराध्य देव माने जाते हैं। देवासी समाज द्वारा जेसीबी, सीमेंट, कंक्रीट और पत्थरों का उपयोग कर नाले व सड़क से सटी धर्मशाला तक दीवार और भोजनशाला का पक्का निर्माण शुरू किया गया है। पंचायत सदस्यों और अन्य ग्रामीणों ने जब इस पर आपत्ति जताई, तो देवासी समाज के पंचों और गांव वालों के बीच झगड़ा हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और गाली-गलौज भी की गई। ग्रामवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाया जाए और देवासी समाज के प्रतिनिधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में शांति व्यवस्था बनी रहे।