सरिस्का के जंगल में भगवान देवनारायण मंदिर के पास एक फार्म के बगल में टाइगर पहुंच गया। इस दौरान बच्चों ने कमरे की छत पर आगर वीडियो बना लिया। इसके बाद सरिस्का प्रशासन अलर्ट हो गया। ग्रामीणों को भी रात में खेतों में नहीं जाने के लिए सचेत किया है। घटना अलवर-जयपुर रोड पर नटनी का बारां की है। मंगलवार सुबह भी किसान ने टाइगर देखा है। हालांकि वन प्रशासन का कहना है कि यह टाइग्रेस एसटी 22 की टैरेटरी है। उसके शावक हो सकते हैं। रेंजर हेमेंद्र ने बताया- वन प्रशासन भी नटनी का बारा पर अलर्ट है। आसपास के गांवों के लोगों को भी रात को खेतों में नहीं जाने की हिदायत दी है। ताकि कोई खतरा नहीं हो। अब सरिस्का में टाइगर की संख्या 52 अब सरिस्का के जंगल में टाइगर की संख्या 52 हो चुकी है। पिछले एक साल में 15 शावक जन्मे हैं। इस साल भी उतने की शावक पैदा होने का अनुमान है। यही रफ्तार रही तो आगामी दो-तीन साल बाद सरिस्का में टाइगर की संख्या अधिक होगी तो आसपास की सीमा में घुसने का डर अधिक रहेगा। इसको लेकर वन प्रशासन भी अभी से चिंतित है। यदि टाइगर जंगल से बाहर निकलते हैं तो फिर यहां से विस्थापन शुरू हो सकता है। टाइग्रेस एसटी 22 के 4 शावक पिछले साल मई के महीेन में टाइग्रेस एसटरी 22 ने 4 शावक जन्में थे। अब ये शावक करीब 1 साल के हो गए हैं। कुछ महीने में अपनी अलग से टैरेटरी भी बनाएंगे। इसलिए आसपास के क्षेत्र में टाइगर का मूवमेंट पहले की तुलना में अधिक हो जाएगा। सरिस्का में बाघों की संख्या 48 पहुंची:टाइग्रेस ST-19 ने दिया 4 शावकों को जन्म; वन मंत्री ने कहा- जल्द 50 का आंकड़ा होगा पार