पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के तहत रेलमगरा पंचायत समिति क्षेत्र की 38 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए शनिवार को मतदान होगा। चुनाव में सरपंच बनने के लिए 385 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से एक नामांकन निरस्त हुआ, जबकि 105 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए। इसके बाद अब 279 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। चुनाव को लेकर ग्राम पंचायतों में सरगर्मी तेज है। प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। सभी उम्मीदवारों की नजरें मतदान पर टिकी हैं। मतदान के बाद ग्राम पंचायतों को नए सरपंच मिलेंगे। रेलमगरा पंचायत समिति क्षेत्र में सकरावास ग्राम पंचायत में सबसे ज्यादा 16 उम्मीदवार मैदान में हैं। पीपली अहिरान और आंजना में सबसे कम 2-2 उम्मीदवार हैं। बामनिया कला में 3, बनेड़िया में 10, चराणा में 11, चौकड़ी में 7, धनेरिया में 10, गवारड़ी में 12, गिलूंड में 9, गोगाथला में 7, जवासिया में 12, जीतावास में 4, जूणदा में 7, काबरा में 5, खड़बामनियां में 5, कोटड़ी में 8, कुण्डिया में 8, कुरज में 10, लापस्या में 7, मेहंदुरिया में 13, पछमता में 6, पनोतिया में 7, पीपली डोडियान में 8, राजपुरा में 13, रेलमगरा में 6, सादड़ी में 3, सांसेरा में 5, सिन्देसरकला में 10, ओड़ा में 12, भराई में 3, चावंडिया में 3, खंडेल में 7, खटुकड़ा में 5, लडपचा में 3, मदारा में 6, मेणिया में 8, सोनियाणा में 6 उम्मीदवार मैदान में हैं।
पहले रेलमगरा पंचायत समिति क्षेत्र में 29 ग्राम पंचायतें थीं। परिसीमन के दौरान 9 नई ग्राम पंचायतों का गठन होने से इनकी संख्या बढ़कर 38 हो गई। अब सभी पंचायतों में सरपंच पद के लिए मतदान होगा। चुनाव परिणाम से तय होगा कि ग्रामीण किस प्रत्याशी को गांव की जिम्मेदारी सौंपते हैं। कुंवारिया| पंचायती राज चुनाव के तहत सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुंवारिया क्षेत्र में चुनावी उत्साह देखने को मिला। प्रत्याशी अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ थाली-मांदल और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच नाचते-गाते, जयकारे लगाते हुए नामांकन केंद्रों पर पहुंचे। कई जगह ग्रामीणों की भीड़ के साथ प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया। जोधपुरिया के बीएलओ सुरेशचंद्र अहीर ने बताया कि नामांकन केंद्र पर सरपंच पद के लिए 9, वार्ड पंच पद के लिए 15 आवेदन प्राप्त हुए। कुंवारिया में हेमंत आमेटा ने बताया कि सरपंच पद के लिए 11 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। वहीं बड़लिया में आरओ बंशीलाल लोहार के अनुसार सरपंच पद के लिए 3 आवेदन प्राप्त हुए। घाटी के वीडीओ महावीरसिंह ने बताया कि सरपंच पद के लिए 9, वार्ड पंच पद के लिए 21 आवेदन जमा हुए। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशियों के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण केंद्रों पर पहुंचे। थाली-मांदल और ढोल-नगाड़ों के साथ निकले ग्रामीण नाचते-गाते अपने प्रत्याशियों का उत्साह बढ़ाते रहे। इस दौरान नामांकन केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का जाप्ता तैनात रहा। 3 बजे सभी प्रत्याशियों को अपने-अपने चुनाव चिन्ह मिले। इसके बाद वे अपने समर्थन में वोट की अपील करते नजर आए। मोही | पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण में गुरुवार को मोही ग्राम पंचायत के 15 वार्डों में से 3 वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए। निर्विरोध निर्वाचन के बाद गांव में जश्न का माहौल रहा। ग्रामीणों ने नवनिर्वाचित वार्ड पंचों का माल्यार्पण किया। पगड़ी पहनाई। इकलाइ पहनाकर सम्मान किया। इसके बाद शोभायात्रा निकाली गई। मोही ग्राम पंचायत में वार्ड नंबर 1 से मीणा भील, वार्ड नंबर 7 से यादवेंद्रसिंह भाटी व वार्ड नंबर 9 से भगवती धोबी निर्विरोध निर्वाचित हुए। ग्रामीणों ने जीत पर खुशी जताई। एमडी ग्राम पंचायत में भी 2 वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए। वार्ड नंबर 10 से मनोहरीदेवी कुमावत व वार्ड नंबर 12 से गीतादेवी गुर्जर निर्विरोध चुनी गईं। राज्यावास| कस्बे सहित आसपास की ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच चुनाव को लेकर प्रत्याशियों में उत्साह दिखा। प्रत्याशी शुभ मुहूर्त में गाजे-बाजे के साथ ठाकुरजी के जयकारे लगाते हुए चुनाव स्थल राउमावि पहुंचे। यहां नामांकन फार्म भरे। समर्थक भी साथ रहे। नामांकन के बाद गांवों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गईं। राज्यावास ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। एक वार्ड पंच निर्विरोध चुना गया। नवगठित सथाना पंचायत में सरपंच पद के लिए पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। चार वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए। भाटोली पंचायत में सरपंच पद के लिए सात प्रत्याशियों ने नामांकन किया। यहां वार्ड नंबर दो में एक वार्ड पंच का नामांकन खारिज हुआ। इसके बाद एक प्रत्याशी निर्विरोध चुना गया। पीपली डोडियान पंचायत में सरपंच पद के लिए आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। तीन वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए। प्रत्याशियों के मैदान में उतरते ही गांवों में चुनावी माहौल बनने लगा।