सवाई माधोपुर के पुराने शहर में दो साल पहले तेज बारिश के दौरान लटिया नाले पर बनी राजबाग पुलिया टूट गई थी। यह पुलिया दो साल बाद भी नही बनी है। स्थानीय लोगो को आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया टूटने से चौपहिया वाहन नाले के दूसरी तरफ नही आ पा रहे हैं। वहीं लोगों को रोजाना के काम करने में भी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा स्थानीय लोगों को उठाना पड़ रहा है। पुराने शहर‌ को राजबाग से जोड़ने एक मात्र रास्ता क्षतिग्रस्त राजबाग पुलिया को टूटे हुवे दो साल का समय हो गया है । बावजूद आज तक इस टूटी पुलिया की तरफ किसी का ध्यान नही गया, जिसका खामियाजा लोगो को उठाना पड़ रहा है। राजबाग पुलिया बड़ा राजबाग क्षेत्र को पुराने शहर से जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग है, लेकिन राजबाग पुलिया पिछले दो साल से टूटी है। पुलिया के दूसरी तरफ बड़ा राजबाग खेल मैदान सहित बालाजी मंदिर है। जहां रोजाना पुराने शहर के सैंकड़ो लोग बालाजी दर्शनों और सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाते है, लेकिन पुलिया टूटने के बाद शहर के लोगो की वहां मॉर्निंग वॉक छूट गई। वहीं लोग बालाजी दर्शनों के लिए भी नही जा पाते है। 40 परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी पुलिया के उस पार बसे 40 परिवारों के करीब 100 से अधिक लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए नाला पार करना पड़ता है। खाने-पीने का सामान और अन्य जरूरी चीजें सिर या कंधे पर लाकर ले जानी पड़ती हैं। पशुओं के चारे में भी दिक्कत स्थानीय लोगों को पशुओं के लिए चारा भी सिर पर रखकर ले जाना पड़ता है। पुलिया नहीं होने से चौपहिया वाहन उस पार नहीं पहुंच सकते, जिससे काम और कठिन हो गया है। मोटरसाइकिल और पैदल ही विकल्प लोगों को या तो मोटरसाइकिल का सहारा लेना पड़ रहा है या पैदल नाला पार करना पड़ता है। नाले का रास्ता खराब होने से मोटरसाइकिल से आना जाना भी जोखिम भरा है। बारिश में बढ़ती है परेशानी बरसात के समय नाले में तेज बहाव के कारण लोग पार नहीं कर पाते और पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बारिश से पहले नई पुलिया का निर्माण किया जाए, ताकि आने-जाने में दिक्कत न हो।