सवाई माधोपुर में पेड़ बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बजरिया और जामा मस्जिद इलाके में सड़क को चौड़ा करने के नाम पर पेड़ काटे जा रहे हैं। इनमें से कई पेड़ वर्षों पुराने थे। रात में पेड़ों की कटाई और लकड़ी का परिवहन जारी है। शुक्रवार को स्थायी लोक अदालत में पेड़ कटाई को लेकर सुनवाई भी होनी है। मुकेश भू प्रेमी ने कहा कि पेड़ बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दिए, कोर्ट में मामला पेंडिग है और लगातार शिकायतें की जा रही हैं। इसके बावजूद रात में पेड़ों की कटाई रुक नहीं रही है। उन्होंने कहा- बुधवार को जिला प्रशासन के अधिकारी को ज्ञापन दिया था। कटाई रुकने का आश्वासन मिला। लेकिन उसी रात जामा मस्जिद के सामने खड़े 3 बड़े पेड़ों को जड़ से काट दिया गया। लकड़ी कटाई से जुड़ा गिरोह सक्रिय स्थानीय निवासी रत्नाकर बोले- पेड़ काटने के लिए ट्रैक्टर, क्रेन, जेसीबी, ट्रक आदि का अवैध उपयोग किया जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की उपयोगी लकड़ी अलग से स्टॉक की जा रही है। बाकी हिस्से दूसरी जगह ले जा रहे हैं। इस काम कार्य में सूरवाल और आसपास गांव का एक लकड़ी कटाई से जुड़ा गिरोह शामिल है। आरोप है कि निर्माण एजेंसी के लोग और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी मिलकर पेड़ काट रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों को भी कटाई के बारे में सूचना दी लेकिन उन्होंने भी कार्रवाई नहीं की। इससे प्रशासनिक एवं वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कल लोक अदालत में सुनवाई मामला स्थायी लोक अदालत, सवाई माधोपुर में प्रकरण संख्या 203/2026 के रूप में विचाराधीन है। इसमें 8 मई बुधवार को सुनवाई होगी। इससे पहले स्थायी लोक अदालत सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की रिपोर्ट पर गंभीर टिप्पणी कर चुकी है। न्यायालय ने अपनी ऑर्डर शीट में कहा था कि विभाग के अनुसार केवल 35-40 पेड़ काटे गए। बाकी पेड़ जनता काटकर ले गई। न्यायालय ने इस स्थिति पर आश्चर्य व्यक्त किया था। पूछा था कि बिना वैधानिक अनुमति इतनी बड़ी संख्या में पेड़ कटे कैसे?