बारिश के मौसम में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से बचाव को लेकर मंगलवार को टोंक के देवधाम जोधपुरिया माशी बांध पर SDRF ने बोट चालकों और स्थानीय लोगों को जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और प्राथमिक रेस्क्यू की ट्रेनिंग दी। टीम ने प्रैक्टिकल करके बचाव के तरीके समझाए और बोटिंग के दौरान अपनाई जाने वाली जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। बोटिंग से पहले लाइफ जैकेट जरूरी SDRF के राजेंद्र गुर्जर ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने बोट चालकों को निर्देश दिए कि बोटिंग के दौरान हर व्यक्ति को लाइफ जैकेट पहनाना जरूरी है। बिना लाइफ जैकेट किसी भी व्यक्ति को बोट में नहीं बैठाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बोट की तय क्षमता से ज्यादा लोगों को नहीं बैठाया जाए, ताकि बोट का संतुलन न बिगड़े और हादसे की आशंका कम रहे। खराब मौसम में नहीं कराएं बोटिंग रेस्क्यू टीम ने बोट चालकों को समझाया कि तेज लहरें, तेज हवा या खराब मौसम होने पर बोटिंग नहीं करानी चाहिए। मौसम सामान्य होने के बाद ही बोटिंग शुरू की जाए। साथ ही बोट चलाते समय यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डूबते व्यक्ति को बचाने का तरीका बताया SDRF टीम ने बोट चालकों को बताया कि अगर कोई व्यक्ति पानी में डूब रहा हो तो घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करना चाहिए। डूबते व्यक्ति तक लाइफ बॉय, रस्सी और बांस पहुंचाकर उसे सुरक्षित बाहर निकालने का तरीका बताया गया। इसके साथ ही पानी से बाहर निकाले गए व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर CPR देने का तरीका और उसका महत्व भी विस्तार से समझाया गया। आपात स्थिति में तुरंत दें सूचना रेस्क्यू टीम ने बोट चालकों को आपात स्थिति में तुरंत फैसला लेने, यात्रियों को सुरक्षित रखने, रेस्क्यू उपकरणों का सही इस्तेमाल करने और किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू टीम और संबंधित प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए। टीम ने सभी बोट चालकों से कहा कि पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा को हमेशा सबसे ज्यादा प्राथमिकता दें। इस दौरान चौकी इंचार्ज देवधाम जोधपुरिया राजेंद्र, मंदिर ट्रस्ट के मैनेजर देशराज गुर्जर, ग्रामीण रामधन केवल, सीताराम, रामदेव, कांस्टेबल शिवराज, कांस्टेबल सुरेश, जितेंद्र, रतन और हंसराज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।