अलवर| केंद्रीय जेल में 2 मई की रात एकबार फिर जुराब में गत्ते के डिब्बे में रखकर 7 मोबाइल फोन और डेटा केबल फेंकी गई। जेल प्रशासन की टीम ने इन्हें जब्त तो कर लिया, लेकिन घटना के 48 घंटे बाद भी यह पता नहीं लगाया कि इन मोबाइल फोन का मालिक कौन था। जबकि हर फोन का ईएमईआई नंबर होता है। जिसके जरिये खरीदार का पता चल जाता है। घटना का खुलासा भी कोतवाली थाने में मामला दर्ज होने के बाद हुआ। रिपोर्ट में जेल प्रहरी राहुल जाटव निवासी पगसेड़ी गोविंदगढ़ ने बताया कि 2 मई को रात करीब 10.10 बजे जेल की मेन वॉल के पास कुछ गिरने की आवाज आई। मौके पर पहुंचे तो स्टाफ टॉयलेट के पास जुराब में एक छोटी साइज की बोतल व पोटलीनुमा पैकेट पड़ा मिला। जिसमें एक मल्टी विटामिन के काले रंग के डिब्बे में की-पेड वाले 7 मोबाइल और सफेद रंग की डाटा केबिल मिली। जिन्हें जब्त किया। कोतवाली थाना इंचार्ज रमेश सैनी ने बताया कि मामलों की जांच की जा रही है।