सीकर शहर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की शिफ्टिंग का विरोध शुरू हो गया है। शहरवासियों ने आयुर्वेदिक हॉस्पिटल को यथावत रखने के लिए डिप्टी डायरेक्टर को ज्ञापन भेजा है। शहरवासियों का कहना है कि आयुर्वेदिक हॉस्पिटल को आबादी क्षेत्र से दूर शिफ्ट किया जा रहा है। इस वजह से लोगों देश की सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद का लाभ नहीं मिल पाएगा। शहरवासी रवि प्रकाश ने बताया कि सीकर के सबसे पुराने आयुर्वेदिक अस्पताल को देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर बनवाया गया था। अभी ये अस्पताल शहर की आबादी के बीच है, 60 साल से चल रहा है। अभी यहां पंचकर्म, आचल प्रसूता और योग चिकित्सा हो रही है। अब शिफ्टिंग होने से ये सुविधाएं आमजन की पहुंच से दूर हो जाएंगी। शहरवासी अजयपाल सिंह शेखावत ने बताया कि अभी जिस भवन में आयुर्वेदिक हॉस्पिटल चल रहा है, वहां पर्याप्त भवन है। आयुर्वेद हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग में प्रशासकीय ऑफिस बनाए जा सकते हैं, लेकिन पेशेंट्स के ट्रीटमेंट की व्यवस्था को पुरानी बिल्डिंग में संचालित किया जाना चाहिए। शहरवासियों का कहना है कि पुरानी बिल्डिंग में आयुर्वेदिक हॉस्पिटल बंद किया जाता है तो विरोध-प्रदर्शन तेज किया जाएगा।