सीकर में 67 साल के बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करने का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने बुजुर्ग से 54 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। साइबर ठगों ने बुजुर्ग को डराया कि उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल है। अब साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। बुजुर्ग ने साइबर पुलिस थाने में शिकायत देकर बताया कि 10 सितंबर को मेरे पास वॉट्सएप पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वह पुणे एटीएस का ऑफिसर बोल रहा है। इसके बाद उस आदमी ने मुझे कहा कि तुम देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी ग्रुप से जुड़े हुए हो। बुजुर्ग ने बताया- आधार कार्ड और पैन कार्ड से जो बैंक खाते खुले हैं, उनमें काफी ट्रांजैक्शन हुआ है। मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज हो चुका है। जो सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इसके बाद ठगों ने कहा कि मैं अब उनकी निगरानी में हूं। मैं बिना पूछे कहीं भी नहीं जा सकता। ऐसे में डर गया। दूसरी तरफ साइबर ठग मुझे अलग-अलग नंबर से कॉल करके खुद को अधिकारी बताकर लगातार दबाव बनाते रहे। ठग मुझे बोलते रहे कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में जमानत करवा देंगे। केस से फ्री भी कर देंगे। ऐसे करके अलग-अलग खातों में 54 लाख 47 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। आखिर में परिजनों ने यह बात अपने एक रिश्तेदार को बताई। जिन्होंने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाने को कहा। इसके बाद अब पीड़ित के द्वारा साइबर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। साइबर थाना पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।