सीकर में दंग की नसियां तहसील के सामने ठेले-रेहड़ी लगाने वालों ने विरोध-प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया- दंग की नसियां के सामने काफी वर्षों से सैकड़ों ठेले वाले रेहड़ी लगाकर परिवार पाल रहे हैं। ठेलेवालों ने आरोप लगाया है कि दंग की नसियां धर्मशाला को मैरिज होम के रूप में काम में लिया जा रहा है। शादियों के फंक्शन के दौरान पार्किंग व्यवस्था के लिए धर्मशाला के मैनेजमेंट वाले फल-सब्जी के ठेले हटाने का दबाव बनाया जाता है। ठेले-रेहड़ी वालों ने बताया- पुलिस प्रशासन के नाम का डर दिखाकर और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर ठेलेवालों को हटाया जा रहा है। यदि ठेले हटाए गए तो सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट हो जाएगा। जबकि इनमें से ज्यादातर ठेलेवालों-रेहड़ीवालों के पास नगर परिषद की ओर से जारी वैध स्ट्रीट वेंडर लाइसेंस मौजूद हैं। ऐसे में बिना कोई दूसरी व्यवस्था के ठेले हटाना सही नहीं है। ठेलेवालों ने ज्ञापन देकर एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया है। ज्ञापन देकर बताया कि दंग की नसियां मैनेजमेंट को परेशानी है तो प्रशासन और पुलिस की मध्यस्थता में समाधान किया जा सकता है। सीधी कार्रवाई से फल-सब्जी के ठेलेवालों को काफी आर्थिक नुकसान होगा। ठेलेवालों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर रोजी-रोटी का ध्यान रखते हुए समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।