सीकर शहर के आराध्य कल्याण धाम का 109वां पाटोत्सव 29 अप्रैल से 2 मई तक मनाया जाएगा। आज 4 दिवसीय आयोजन का पोस्टर विमोचन किया गया। मंदिर के महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने बताया कि 4 दिवसीय कार्यक्रम का समापन नारद जयंती महोत्सव के साथ होगा। विशेष रुप से पाटोत्सव के दिन हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए भगवान नृसिंह अवतार में भक्तों को दर्शन देने आएंगे। पोस्टर विमोचन के मौके पर पर राजीव लोचन शर्मा, सुरेश पारीक, संजय जोशी, पराग सोनी और अक्षय सेन सहित मंदिर समिति के कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। मंदिर व्यवस्थापक रवि प्रसाद शर्मा ने बताया कि 29 अप्रैल को रात सवा 8 बजे से वाल्मीकि व मेघवाल समाज की गूगा मेड़ियों की भजन प्रस्तुति होगी। 30 अप्रैल को सुबह साढ़े 8 बजे भगवान के नाम जप के साथ सवा लाख तुलसी पत्र अर्पित किए जाएंगे, शाम 5 बजे राधा दामोदर मंदिर से कल्याण धाम तक निशान यात्रा निकलेगी। इसी दिन शाम सवा 6 बजे नृसिंह लीला का मंचन होगा और शाम 7 बजे पंजाब से आए कलाकार नृसिंह भगवान की श्रृंगार महाआरती होगी। मंदिर महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने बताया कि पाटोत्सव के मुख्य दिन 1 मई को सुबह 10 बजे यज्ञ शुरु होगा व सवा 10 बजे श्रीकल्याण भगवान का अभिषेक होगा तथा दोपहर 12 बजे यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। दोपहर सवा 12 बजे मुख्य पाटोत्सव महाआरती होगी और साढ़े 12 बजे से प्रसाद वितरण होगा। शाम 7 बजे से दीपोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान शहर के सभी घरों व मंदिर में 11-11 दीपक जलाएंगे। कार्यक्रम के अंतिम दिन 2 मई को सुबह सवा 11 बजे नारद जयंती पर नारद पूजन होगा। सीकर के राजा पैदल दर्शन करने आते थे महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने बताया कि कल्याण धाम की स्थापना 109 वर्ष पहले सीकर के तत्कालीन राव राजा कल्याण सिंह ने पाटोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत की थी। राव राजा कल्याण सिंह की श्रीकल्याण भगवान के प्रति गहरी आस्था थी। राजा कल्याण सिंह महल से पैदल चलकर भगवान के दर्शन करने आते थे और उसके बाद ही दिनचर्या व राजकाज की शुरुआत करते थे। इसलिए हर साल वैशाख पूर्णिमा को पाटोत्सव मनाया जाता है।