सीकर में खतीजा बानो नगर परिषद की नई सभापति बन गई हैं। पूर्व सभापति जीवण खां की पत्नी खतीजा बानो इस बार शहर के वार्ड 16 से सभापति बनी थीं। सभापति के पद पर खतीजा बानो का नाम लगभग चुनाव की घोषणा के साथ ही फाइनल हो गया था। मुस्लिम समाज के अधिकांश पार्षदों को पहले ही राजी कर लिया था। दूसरे गुट ने नाराजगी जताई, लेकिन पार्षद चुनाव का परिणाम आते ही विधायक राजेंद्र पारीक ने सभी को साध लिया। खतीजा बानो के पति पूर्व सभापति जीवण खां को विधायक राजेंद्र पारीक का सबसे करीबी माना जाता है। सभापति पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होने के बाद कांग्रेस ने वार्ड 16 से निर्वाचित पार्षद खतीजा बानो को अपना प्रत्याशी बनाया। सोची-समझी रणनीति के तहत 3 बार बाड़ाबंदी की जगह बदली गई। विधायक राजेंद्र पारीक ने बाड़ाबंदी में खुद मोर्चा संभाला और सावधानी बरतते हुए बाड़ाबंदी की लोकेशन से जुड़ा कोई वीडियो-फोटो जारी नहीं किया। पढ़िए खतीजा बानो की प्रोफाइल खतीजा बानो: 1999 से राजनीति में सक्रिय पति जीवण खां का राजनीतिक अनुभव भी साथ खतीजा बानो को सभापति बनाए जाने में उनके पति जीवण खां की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी महत्वपूर्ण है। जीवण खां 2 बार सीकर नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं और कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। जीवण खां की सांप्रदायिक सौहार्द वाली छवि भी काफी काम कर गई। जीवण खां ने अपने दोनों कार्यकाल में शहर के अधिकांश सर्किल का नामकरण हिंदू देवी-देवताओं और महापुरुषों के नाम पर करवाया।