सीकर की पॉक्सो कोर्ट-1 ने 4 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ और रेप के प्रयास के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी को 7 साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा, पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा- जब इलेक्ट्रीशियन बिजली ठीक कर रहा था, उसी दौरान उसने वहां खेल रही चार साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ कर लैंगिक हमला किया। ऐसे में तो इस आयु वर्ग की बच्ची अपने परिजनों की मौजूदगी में भी अपने ही घर के अंदर सुरक्षित नहीं है। 2024 में बच्ची के पिता ने दर्ज कराया था मामला लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी ने बताया- जज विक्रम चौधरी ने यह फैसला सुनाया गया। 30 जुलाई 2024 को 4 साल की मासूम बच्ची के पिता ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया कि वह एक किराए के मकान में रह रहे थे। उन्होंने 23 जुलाई को घर पर बिजली सबमीटर लगवाने और बिजली बोर्ड का स्विच ठीक करने के लिए एक इलेक्ट्रिशियन को बुलाया था। इस दौरान वह खुद किसी काम से घर से बाहर चले गए थे। भवानी सिंह जेरठी ने बताया- जब इलेक्ट्रीशियन घर पर आया तो उसने बिजली का स्विच ठीक करने के दौरान कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और वहां मौजूद 4 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया और रेप करने की कोशिश की। मासूम बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां वहां पर आ गई। इसी दौरान आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। आरोपी को गिरफ्तार करके पुलिस ने 30 सितंबर 2024 को कोर्ट में चालान पेश किया। इसके बाद मामले में 11 गवाह और 11 दस्तावेज पेश किए गए। जिसके आधार पर जज विक्रम चौधरी के द्वारा आरोपी को सजा सुनाई गई है।