सीकर में आज पुजारी, संत और महंत कलेक्ट्रेट पहुंचे। संतों के साथ हो रही हिंसक घटनाओं के विरोध में आक्रोश जताया है। पुजारियों और संतों ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर कहा कि अजीब बात है कि भाजपा के राज में ही पुजारी और संत-महंत सुरक्षित नहीं हैं। संतों ने कहा- गनेड़ी में एक मंदिर के पुजारी पर जानलेवा हमले और रानोली में एक पुजारी के सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने के मामले में कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में दूजोद के रघुनाथजी मंदिर का रास्ता खुलवाने की मांग भी की गई। संतों ने ज्ञापन देकर कहा कि सीकर जिले में विभिन्न मंदिर के पुजारियों पर जानलेवा हमले, मानसिक प्रताड़ना और मंदिर की जमीनों पर अवैध अतिक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पुजारी ने मंदिर की जमीन पर कब्जे का विरोध किया तो मारपीट हुई लोहार्गल के अवधेशदास महाराज ने कहा- सीकर के गनेड़ी गांव में महंत श्रीराम प्रपन्नाचार्य पर असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी मंदिर की कीमती जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहे थे। पुजारी और उनके परिवार ने इसका विरोध किया तो लाठी-डंडों से हमला बोल दिया गया। इस खूनी संघर्ष में पुजारी के बेटे का हाथ बुरी तरह तोड़ दिया गया। नेछवा पुलिस थाने में नामजद मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूदखोरों से परेशान पुजारी ने आत्महत्या की लड्‌डू गोपालदास महाराज ने कहा- शिश्यूं रानोली में लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी रामावतार शर्मा ने सूदखोरों और असामाजिक तत्वों की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। भूमाफिया और सूदखोर लंबे समय से पुजारी को मन्दिर से जुड़ी जमीनों को लेकर परेशान कर रहे थे। वहीं, दूजोद गांव में जिला कलेक्टर के आदेश के बावजूद रघुनाथजी महाराज मंदिर की जमीन के रास्ते को असामाजिक तत्त्वों ने रोक दिया। तीनों मामले में कार्रवाई की मांग पुजारियों व संत-महंतों ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर तीनों मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में माधवदास महाराज, पुजारी सेवक महासंघ के सीकर जिलाध्यक्ष शंकरलाल शर्मा, महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा, शत्रुघ्नदास महाराज, पारसारनाथ महाराज समेत कई पुजारी व संत-महंत शामिल थे।