नेशनल हाईवे-52 को सीकर रामू का बास तिराहे से लेकर रतनगढ़ तक अब फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1038 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। RSRDC डिपार्टमेंट ने इसका डिटेल्ड एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है। जैसे ही केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलेगी, फोरलेन का काम शुरू हो जाएगा। नए प्लान के तहत रामू का बास से रतनगढ़ तक करीब 72 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोरलेन किया जाएगा। गौरतलब है कि सीकर से लक्ष्मणगढ़ के बीच फोरलेन बना हुआ है। इसलिए करीब 7 महीने पहले विभाग ने लक्ष्मणगढ़ से फतेहपुर के बीच 39 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन करने का प्लान बनाया था, जिसके लिए 402 करोड़ रुपए का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। लेकिन अब उस पुराने प्लान की जगह पूरे 72 किलोमीटर हिस्से का नया प्रस्ताव भेजा गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सीकर से फतेहपुर तक के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पूरी तरह तैयार हो चुकी है, जबकि फतेहपुर से रतनगढ़ के बीच टोल प्लाजा की स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। NH-52 पर अभी सीकर से रतनगढ़ के बीच कैपेसिटी से ज्यादा ट्रैफिक लोड है। सीकर में बाइपास होने के बावजूद यहां भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, जिससे अक्सर लंबे जाम की स्थिति बन जाती है। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति सड़क हादसों की है। सदर थाना पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रामू का बास से भढाढर तिराहे तक करीब 15 किलोमीटर के दायरे में पिछले तीन साल (दिसंबर 2025 तक) में हुए सड़क हादसों में 128 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं, सीकर से फतेहपुर के बीच सड़क हादसों में 3 साल में कुल 200 लोगों‌ की जान जा चुकी है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग इन हादसों का मुख्य कारण हैं। फोरलेन बनने से दुर्घटनाओं में कमी आने की पूरी उम्मीद है। नई DPR में रोड सेफ्टी और पैसेंजर्स कंफर्ट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत अत्याधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल डिवाइस, बेहतरीन ड्रेनेज (जल निकासी) सिस्टम, क्राॅसिंग सुधार और हाईवे के बीच आकर्षक मीडियन हॉर्टीकल्चर व एवेन्यू प्लांटेशन का विशेष प्रावधान रखा गया है। नए प्रस्ताव में फिलहाल किसी क्राॅसिंग या चौराहे पर ओवरब्रिज का प्रावधान नहीं है, लेकिन विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रामू का बास से रतनगढ़ तक कई प्रमुख जगहों पर ओवरब्रिज बनाने की योजना है। इनमें सांवली सर्किल, धोद चौराहा और सीकर-सालासर मार्ग के स्टेट हाइवे क्रॉसिंग शामिल हैं। इसके अलावा पालवास चौराहे की एमडीआर सड़क, चंदपुरा और कंवरपुरा रोड सहित कई अन्य चौराहों पर भी छोटे ओवरब्रिज बनाए जा सकते हैं। वहीं, सीकर शहर में पालवास चौराहे से लक्ष्मणगढ़ के बीच मेन रोड पर स्थित कई बड़े शैक्षणिक संस्थानों के सामने विशेष 'स्लिप लेन' बनाने का भी प्रस्ताव है, ताकि छुट्टी के समय तेज रफ्तार वाहनों से बच्चों को कोई खतरा ना रहे।