राजस्थान के अलग-अलग जिलों में सोमवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान महारैली निकाली गई। सीकर में करीब 40 डिग्री तापमान के बीच साधु-संत नंगे पैर सड़कों पर चले। अजमेर में पांच गाय के बछड़ों को भी साथ लाए थे। उदयपुर में लोगों ने ढोल-मंजीरों की धुन पर भजन गाते हुए रैली निकाली। अलवर में भी 21 हजार लोग रैली में शामिल हुए। दरअसल, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए पूरे देश में कलेक्टर और तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल के नाम‌ ज्ञापन दिया गया। धूप में 2.5 किमी नंगे पांव चले संत सीकर में रामलीला मैदान से रैली शुरू हुई। जो कल्याण धाम, घंटाघर, जाटिया बाजार, तापड़िया बगीची, कल्याण सर्किल होकर कलेक्ट्रेट तक पहुंची। इस दौरान तापमान करीब 40 डिग्री था। तेज धूप में साधु-संत करीब 2.5 किलोमीटर तक नंगे पैर चले। गोवंश संरक्षण के नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। रैली में शामिल साधु-संतों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए गोवंश की हत्या करने वालों को फांसी देने और गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की गई। सीकर की गौ सम्मान आह्वान रैली में 42 गांवों के लोग शामिल हुए। ज्ञापन के साथ 31 हजार हस्ताक्षर पत्र भी कलेक्टर को सौंपा गया। कल्याण धाम के महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने कहा कि गौ सम्मान आह्वान अभियान तब तक चलेगा, जब तक देश में गायों की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान, अनुदान सुनिश्चित नहीं हो‌ जाता। महाराज बोले- हम आगे नहीं आएंगे तो जनरल स्टोर पर मांस बिकेगा रैली में शामिल दिनेशगिरी महाराज ने कहा- गाय के लिए हम आगे नहीं आएंगे तो जनरल स्टोर की दुकानों पर मांस बिकेगा। सीकर रैली संयोजक चंद्रमादास महाराज ने कहा- सीकर में गोवंश के संरक्षण व संवर्द्धन के‌ लिए गौ सम्मान दिवस मनाया गया। गोमाता राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए आज पूरे देश में कलेक्टर और तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल के नाम‌ ज्ञापन दिया गया। अजमेर में बछड़े लेकर पहुंचे साधु-संत अजमेर में भी रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान लोग 5 बछड़ों को भी साथ लेकर आए थे। इससे गोवंश की स्थिति को लेकर प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने “गो सम्मान आह्वान अभियान” के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अजमेर शहर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में करीब 13 हजार लोगों ने समर्थन दिया। इन हस्ताक्षरों की पोटली भी ज्ञापन के साथ प्रशासन को सौंपी गई। उदयपुर में भजन गाते हुए कलेक्ट्री पहुंचे लोग उदयपुर गौ रक्षा कानून की मांग पर ​आक्रोश रैली निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे। रैली सुबह नगर निगम टाउन हॉल से शुरू हुई। लोग ढोल-मंजीरे बजाते हुए और भजन गाते हुए चल रहे । रैली देहलीगेट होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां लोगों ने गोवंश की तस्करी रोकने, हर जिले में गोशालाओं को मजबूत करने और काइन हाउसेज (पशुशाला) के हालात सुधारने की भी मांग उठाई। इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। अलवर में टाइगर की तरह गायों का अभ्यारण्य बनाने की मांग अलवर में गोवंश को बचाने के लिए 21 हजार गौ भक्त आगे आए। गौ भक्तों ने हस्ताक्षर कर सरकार से गौ अभ्यारण्य बनाने की मांग की। ताकि टाइगर की तरह गायों का संरक्षण हो सके। अलवर के कुछ गौ भक्त सोमवार को मिनी सचिवालय पहुंचे। यहां एडीएम को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की।