ट्रांसफर के विरोध में बुधवार को सीकर में राजस्थान टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले सैंकड़ों टीचर्स ने विरोध प्रदर्शन किया। जिन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुतले की शवयात्रा निकाली। जो सीकर के मारु स्कूल से शुरू होकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। यहां टीचर्स ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुतला जलाया। टीचर्स के द्वारा आगामी दिनों में विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी गई है। राजस्थान टीचर्स एसोसिएशन सीकर के जिलाध्यक्ष विनोद पूनियां ने कहा- वर्तमान सरकार ने पूरे राजस्थान में टीचर्स के ट्रांसफर किए हैं, वह गलत है। किसी भी पार्टी की सरकार हो ट्रांसफर करती है। ट्रांसफर का नियम होता है कि जहां पर रिक्त पद हैं, वहां नए कार्मिकों को लगाकर पदों को भरा जाए, टीचर्स को सुविधा मिले। अब जो ट्रांसफर हुए हैं, वह सार्वजनिक शिक्षा पर एक बड़ा हमला है। राजनीतिक द्वेषता से यह ट्रांसफर किए गए हैं। पहले 5% प्रशासनिक ट्रांसफर होते थे, लेकिन अब 85 से 90% हो गए। एक ब्लॉक में केवल 20 से 30 टीचर्स को छोड़कर सभी का ट्रांसफर कर दिया गया। पूरे राजस्थान में प्रदर्शन की चेतावनी दी एक साथ 6-6 सीनियर टीचर्स का ट्रांसफर किया गया। अब उनकी जगह किसी को लगाया भी नहीं गया है। शेखावाटी में कई स्कूलों में टीचर्स के पद खाली हैं। अब हमारी शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चेतावनी है कि ट्रांसफर को एक से दो दिन में निरस्त नहीं किया गया तो 17 जुलाई को पूरे राजस्थान के सभी संभाग मुख्यालय पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। स्कूल को ही खाली कर दिया राजस्थान टीचर्स एसोसिएशन के जिला संघर्ष समिति संयोजक सुभाष ढाका ने कहा- केवल टीचर्स के ट्रांसफर ही नहीं हुए बल्कि स्कूल को ही खाली कर दिया। लक्ष्मणगढ़ के आंतरोली में 6 सीनियर टीचर्स थे। उन सभी का ट्रांसफर कर दिया गया और उनकी जगह किसी दूसरे को लगाया ही नहीं गया। कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां 500 से ज्यादा नामांकन हैं। टीचर्स का ट्रांसफर कर दिया गया। सरकार ने एक संगठन विशेष के लोगों को टारगेट करके ट्रांसफर किया है। जरूरत पड़ी तो आने वाले दिनों में विधानसभा का घेराव करने के साथ ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आवास को भी घेरने का काम करेंगे।