राजस्थान हाईकोर्ट ने सिरोही स्थित एक फैक्ट्री परिसर में पड़े खतरनाक इंडस्ट्रियल वेस्ट के​ निस्तारण को लेकर सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने संबंधित फैक्ट्री संचालक को 15 जुलाई तक अपने परिसरों से पूरा खतरनाक कचरा हटाने का अंतिम अवसर दिया है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह निर्देश हरिसिंह सोढ़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। खंडपीठ के समक्ष प्रतिवादी की ओर से बताया गया कि कोर्ट के 29 जून के आदेश की पालना में फैक्ट्री परिसर से खतरनाक कचरा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रतिवादी ने कोर्ट को बताया- कचरा हटाने का काम 15 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी कोर्ट को सूचित किया कि मौके पर सफाई कार्य शुरू हो चुका है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डीएस जसोल और राजेश परिहार ने पैरवी की। 20 जुलाई को होगी सुनवाई हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि कचरा हटने के बाद कोर्ट की ओर से गठित टीम दोनों परिसरों का निरीक्षण करेगी। यह टीम सुनिश्चित करेगी कि किसी भी स्थान पर खतरनाक पदार्थ शेष न रहे। यदि सफाई कार्य भुगतान के अभाव में रुकता है, तो कलेक्टर संबंधित उद्योग संचालक से राशि की वसूली कर एजेंसी रामकी/री-सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड को भुगतान सुनिश्चित करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दौरान संबंधित विभागों को कचरा हटाने की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी।