सिरोही के ध्रुवाना स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में संत त्रिवेणी गिरी महाराज (70) की हत्या के मामले में शिवगंज थाना पुलिस ने खुलासा करते हुए एक साधु समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गुरु के पोस्टर लगाने और नागा बाबा होने को लेकर हुए विवाद के बाद हत्या की साजिश रची गई थी। गिरफ्तार आरोपियों में श्रवण कुमार गमेती भील और तुलसी गिरी उर्फ तोलाराम शामिल हैं। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद आरोपियों ने आश्रम के कमरे में सामान बिखेर दिया और वहां मिला कुछ सामान लेकर फरार हो गए थे। दो-तीन दिन पुराना था संत का शव, कमरे से आ रही थी बदबू सिरोही एसपी डॉ. अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि पागल गिरी उर्फ पागल बाबा ने रिपोर्ट दी थी। उनके गुरु भाई त्रिवेणी गिरी महाराज पिछले दो-तीन साल से ध्रुवाना स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में रह रहे थे। पागल बाबा को त्रिवेणी गिरी की मौत की सूचना मिली तो वे मंदिर पहुंचे। वहां कमरे में खाट पर त्रिवेणी गिरी का शव मिला। शव दो-तीन दिन पुराना था और खराब होने के कारण बदबू आ रही थी। परिस्थितियों को देखकर उन्हें संत की मौत पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। गुरु के पोस्टर और नागा बाबा होने को लेकर हुआ था विवाद पुलिस जांच में सामने आया कि त्रिवेणी गिरी महाराज और कोलीवाड़ा निवासी तुलसी गिरी महाराज के बीच श्रावण महीने में गुरु के पोस्टर लगाने और नागा बाबा होने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बाद तुलसी गिरी ने बदला लेने की योजना बनाई। 29 सितंबर को वह सुमेरपुर आया और श्रवण कुमार गमेती भील तथा उसके एक साथी को कमलेश्वर महादेव मंदिर छोड़कर चला गया। रात में आश्रम पहुंचे आरोपी, सोते समय संत की हत्या पुलिस के अनुसार, श्रवण कुमार और उसका साथी पैदल कमलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। रात के समय आश्रम के ऊपरी हिस्से में सो रहे त्रिवेणी गिरी महाराज की हत्या कर दी गई। इसके बाद आरोपियों ने कमरे में रखा सामान बिखेर दिया और वहां मिला सामान लेकर फरार हो गए। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर उनकी भूमिका की पड़ताल की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। ये दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश पुलिस ने इस मामले में निचला थला, डेड मारिया, कोटड़ा, उदयपुर निवासी श्रवण कुमार पुत्र करमा राम गमेती भील तथा कोठार थाना क्षेत्र के निवासी और वर्तमान में कोलीवाड़ा स्थित चेतन बाल हनुमानजी मंदिर से जुड़े तुलसी गिरी उर्फ तोलाराम पुत्र बिजाराम को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों और तीसरे आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। एसपी ने पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित संदिग्ध परिस्थितियों में हुई संत की हत्या का खुलासा करने में विशेष भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को एसपी डॉ. अजय सिंह राठौड़ ने सम्मानित किया। इनमें डीएसपी कार्यालय शिवगंज के कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह तथा शिवगंज थाने के कॉन्स्टेबल गोविंद लाल और प्रकाश कुमार एवं पिंडवाड़ा थाने के जितेंद्र कुमार शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों की टीम ने सुलझाया मामला हत्या के मामले की जांच और खुलासे में शिवगंज थानाधिकारी ओमप्रकाश चौधरी के साथ उप निरीक्षक श्यामलाल, सहायक उप निरीक्षक मनोहर सिंह और महेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, हेड कॉन्स्टेबल रणवीर सिंह तथा कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह, गोविंद लाल, गोपाराम, प्रकाश कुमार, महेंद्र कुमार, गणपत लाल और जितेंद्र सिंह शामिल रहे। साइबर सेल के सुरेश कुमार और रमेश कुमार ने भी जांच में सहयोग किया। पुलिस अब मामले में फरार तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी है।