सिरोही शहर के हाउसिंग बोर्ड स्थित वीरबाला कालीबाई योग उद्यान में शनिवार से महिला पतंजलि योग समिति का तीन दिवसीय निःशुल्क योग शिविर शुरू हुआ। राजस्थान प्रांत पश्चिम की राज्य प्रभारी विजयलक्ष्मी चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। पहले दिन उनके और जिला संयोजिका पवन आर्य के नेतृत्व में 50 महिलाओं ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। राजस्थानी परंपरा से हुआ स्वागत शिविर के उद्घाटन अवसर पर जिला संयोजिका पवन आर्य और उनकी कार्यकारिणी ने राज्य प्रभारी विजयलक्ष्मी चतुर्वेदी का साफा पहनाकर और तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद योग सत्र की शुरुआत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग को बताया वैज्ञानिक जीवन पद्धति विजयलक्ष्मी चतुर्वेदी ने कहा कि योग केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने इसे वैज्ञानिक जीवन पद्धति बताते हुए कहा कि नियमित योग और प्राणायाम स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई रोगों में दवाइयों के साथ योग अपनाने से बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। योगासन और प्राणायाम का कराया अभ्यास शिविर में प्रतिभागियों को यौगिक जॉगिंग के 12 स्टेप, सूक्ष्म व्यायाम, मंडूकासन, उष्ट्रासन, त्रिकोणासन, गोमुखासन, अर्धमत्स्येंद्रासन, तितली आसन, पश्चिमोत्तानासन, चक्की आसन तथा हाथ-पैरों के सूक्ष्म व्यायाम कराए गए। इसके साथ ही भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, बाह्य प्राणायाम, अग्निसार, उज्जायी, भ्रामरी, उदगीत, प्रणव और सिंहासन हास्यासन का अभ्यास भी कराया गया तथा इनके स्वास्थ्य लाभ बताए गए। दर्द निवारण के लिए दाना मेथी के उपयोग की जानकारी भी साझा की गई। पिंडवाड़ा में आरोग्य सभा, नई जिम्मेदारियां सौंपी इसी दिन दोपहर में पवन आर्य ने पिंडवाड़ा तहसील में आरोग्य सभा आयोजित की। सभा में यामिनी त्रिवेदी को पिंडवाड़ा तहसील प्रभारी और शारदा देवी को सह प्रभारी मनोनीत किया गया। शहरवासियों से जुड़ने की अपील पवन आर्य ने बताया कि शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योग और उसके स्वास्थ्य लाभों से जोड़ना है, ताकि वे इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकें। उन्होंने शहरवासियों से प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे आयोजित योग शिविर में शामिल होने का आग्रह किया। इस दौरान गीता देवी, निशा देवी, मंजुला खत्री, शकुंतला देवी, संगीता देवी, रितु देवी, लीना देवी, हिना देवी, कुसुम सहित कई योगिनी बहनें मौजूद रहीं।