जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में एक 19 साल के बच्चे के दुर्लभ बीमारी स्फेनॉइड म्यूकोसील की सफल सर्जरी की गई। इस बीमारी के कारण बच्चे की राइट आई (सीधी आंख) का 90 फीसदी विजन चला गया था, जो ऑपरेशन करने के 24 घंटे बाद काफी हद तक लौट आया। ऑपरेशन एसएमएस हॉस्पिटल में सीनियर प्रोफेसर और ईएनटी डिपार्टमेंट एचओडी डॉ. रेखा हर्षवर्धन के मार्गदर्शन में डॉ. विकास रोहिला और उनकी टीम ने किया। डॉ. विकास रोहिला ने बताया- जयपुर का रहने वाला 19 साल का हिमांशु पिछले 2-3 महीने से आंखों के खराब विजन और सिर में हल्के दर्द से परेशान था। उसने जयपुर में कई आंखों के हॉस्पिटल में आंखों के डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वह न्यूरोलॉजी के भी कुछ डॉक्टरों को दिखाने गया और ट्रीटमेंट लिया, लेकिन फायदा होने के बाद आंखों का विजन लगातार जाने लगा। 90 फीसदी चला गया आंख का विजन करीब 2 से 3 माह के दौरान छात्र की आंखों का विजन 90 फीसदी तक चला गया। एक स्वस्थ्य व्यक्ति के आंखो का विजन 6/6 होता है, जबकि मरीज हिमांशु की आंखों की रोशनी घटकर मात्र 1/60 तक पहुंच गई थी। इस कारण वह रंग (कलर) भी पहचान नहीं पा रहा था। वहीं एक फीट दूरी पर क्या रखा है, उसे ये भी साफ से नहीं दिख रहा था। CT, MRI जांच में ट्रेस हुई बीमारी डॉ. विकास रोहिला ने बताया- आंखों और न्यूरोलॉजी के डॉक्टरों को दिखाने के बाद उसे ईएनटी में जाने की भी सलाह दी। 24 अप्रैल को मरीज ओपीडी में आया, जहां की गंभीर स्थिति को देखते हुए हमने तुरंत भर्ती करके उसकी CT और MRI जांच करवाई। जांच में मरीज के ''स्फेनॉइड म्यूकोसील'' जैसी दुर्लभ बीमारी का पता चला, जो ऑप्टिक नर्व पर दबाव डालकर आंख के विजन को नुकसान पहुंचा रही थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए हमने तत्काल सर्जरी का निर्णय किया। ऑपरेशन के 24 घंटे में लौटा विजन अगले दिन यानी 25 अप्रैल को मरीज की सर्जरी एंडोस्कोपी के जरिए की गई और ''स्फेनॉइड म्यूकोसील'' को निकाला गया। इस ऑपरेशन में करीब 1 घंटे का समय लगा। ऑपरेशन में डॉ. शैली (सीनियर रेजिडेंट), डॉ. सतेन्द्र और डॉ. नीलांशी का सहयोग रहा। ऑपरेशन के करीब 24 घंटे बाद मरीज की आंखों के विजन में बड़ा सुधार आया। विजन 1/60 से बढ़कर 6/18 तक पहुंच गया, साथ ही कलर भी पहचान करने लगा।